लेह। लेह एपेक्स बॉडी और बिजली विभाग के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रशासन रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन पावर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ प्रस्तावित संयुक्त उद्यम के माध्यम से लद्दाख के बिजली क्षेत्र को निजीकृत करने का प्रयास कर रहा है।
पत्रकार वार्ता करते लेह एपेक्स बॉडी ने मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा के उस दावे को खारिज किया कि प्रस्ताव के संबंध में कोई आपत्तियां प्रस्तुत नहीं की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित समझौता ज्ञापन से संबंधित लिखित प्रस्तुतियां, आधिकारिक बैठकें और संबंधित दस्तावेज पहले से मौजूद हैं।
लेह एपेक्स बॉडी के अनुसार 9 मई के लिए निर्धारित मसौदा समझौते में लद्दाख की बिजली उपयोगिता के 51 प्रतिशत इक्विटी को रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन पावर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव जो प्रभावी रूप से कंपनी को क्षेत्र में जलविद्युत, सौर, भूतापीय और बिजली संपत्तियों पर बहुमत नियंत्रण प्रदान करेगा।
संगठन ने आरोप लगाया कि प्रक्रिया का अधिकांश हिस्सा जन परामर्श के बिना ही पूरा हो चुका है और प्रशासन पर स्थानीय हितधारकों, जिसमें हिल काउंसिल शामिल है, को दरकिनार कर रहा है। लेह एपेक्स बॉडी ने पारदर्शिता की मांग की और प्रशासन से किसी भी समझौते को अंतिम रूप देने से पहले प्रस्तावित समझौता ज्ञापन से संबंधित सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने का आग्रह किया। संवाद