लेह। जेकेएसए (लद्दाख) के राज्य अध्यक्ष मोहम्मद हसनैन रॉकी ने लद्दाख विश्वविद्यालय में सहायक रजिस्ट्रार के प्रस्तावित समायोजन को लेकर उठी चिंताओं पर हस्तक्षेप करने के लिए उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता से अपील की है।
एक औपचारिक प्रतिनिधित्व में रॉकी ने कहा कि संबंधित अधिकारी लगभग पांच वर्षों से प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर कार्यरत हैं जो वर्ष 2020 के सरकारी आदेश संख्या 915-जेके (जीएडी) के तहत स्वीकृत प्रारंभिक दो वर्ष की अवधि से अधिक है। उन्होंने मांग की कि किसी भी विस्तार या समायोजन प्रक्रिया को प्रशासनिक मानकों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से किया जाए और इसे सार्वजनिक डोमेन में रखा जाए।
उन्होंने यह भी चिंता जताई कि सहायक रजिस्ट्रार के तीन स्वीकृत पदों में से केवल दो पदों का ही वर्ष 2023 में सार्वजनिक विज्ञापन जारी किया गया, जबकि तीसरे पद को कथित रूप से समायोजन के लिए विचाराधीन रखा गया है। रॉकी ने कहा कि ऐसा कदम विश्वविद्यालय अधिनियमों, यूजीसी मानकों और योग्यता आधारित भर्ती के सिद्धांतों के पालन पर प्रश्न खड़े कर सकता है। विशेषकर उस समय जब लद्दाख के कई शिक्षित युवा रोजगार के अवसरों की तलाश में हैं।
वर्ष 2022 के एक उदाहरण का उल्लेख करते हुए जिसमें बिना खुली प्रतिस्पर्धा के समान समायोजन प्रस्तावों को अस्वीकार किया गया था, उन्होंने संस्थागत पारदर्शिता और अखंडता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जेकेएसए (लद्दाख) ने उपराज्यपाल से विश्वविद्यालय को पद की स्थिति स्पष्ट करने, भर्ती प्रक्रिया को स्थापित नियमों के अनुसार सुनिश्चित करने तथा चिंताओं को दूर करने हेतु सार्वजनिक बयान जारी करने के निर्देश देने का अनुरोध किया है। रॉकी ने कहा कि इस प्रतिनिधित्व का उद्देश्य संस्थागत विश्वसनीयता की रक्षा करना और लद्दाख के युवाओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है।