- हिम तेंदुआ संरक्षण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख ने बुधवार को विश्व वन्यजीव दिवस मनाया। इस दौरान वन्यजीव संरक्षण, सतत विकास और सिविल मिलिट्री सहयोग पर विशेष जोर दिया गया। विभाग ने सेना की फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स के साथ रिनचेन ऑडिटोरियम लेह में औषधीय एवं सुगंधित पौधे: स्वास्थ्य, विरासत और आजीविका का संरक्षण विषय पर सेमिनार कराया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स और लद्दाख प्रशासन के बीच ग्लोबल स्नो लेपर्ड इकोसिस्टम फोरम के तहत हिम तेंदुआ संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर रहा। इस समझौते का उद्देश्य लद्दाख के नाजुक उच्च हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करना तथा हिम तेंदुआ, हिमालयी भेड़िया, भरल, आइबेक्स, मार्मोट और संकटग्रस्त काले गर्दन वाले सारस जैसी प्रजातियों का संरक्षण करना है।
मुख्य अतिथि मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया, विशेषकर संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में। उन्होंने अनियंत्रित पर्यटन, आवारा कुत्तों का प्रबंधन, जल संकट और कचरा निपटान जैसी चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए संस्थागत साझेदारी और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने का आह्वान किया।
लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति सेना की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कचरा प्रबंधन, शिकार-रोधी सहयोग और आवारा कुत्तों की नसबंदी अभियानों जैसी पहल का उल्लेख किया। इस दौरान लद्दाख की बिग सेवन वन्यजीव प्रजातियों पर प्रदर्शनी, सोवा-रिग्पा हर्बेरियम प्रदर्शनी, विशेष डाक मुहर जारी करने और एक टोल-फ्री वन्यजीव हेल्पलाइन के शुभारंभ जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। तकनीकी संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने औषधीय पौधों के संरक्षण, जैव विविधता रणनीतियों और सतत आजीविका पर विचार-विमर्श किया।
यह आयोजन सहयोगात्मक और सतत प्रयासों के माध्यम से लद्दाख की विशिष्ट जैव विविधता की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।