- एलबीए अध्यक्ष ने आबकारी नीति की आलोचना की, सांविधानिक सुरक्षा की मांग दोहराई, लद्दाख बंद को सफल बनाने के लिए सभी का धन्यवाद किया
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। लद्दाख बंद के आह्वान पर मंगलवार को लेह के पोलो ग्राउंड में एक विशाल जनसभा आयोजित की गई जिसमें विभिन्न हितधारकों ने केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े मुद्दों और लंबित मांगों पर चिंता व्यक्त की। अपने संबोधन में लद्दाख बौद्ध संघ (एलबीए) के अध्यक्ष छेरिंग दोरजे लाकरूक ने कहा कि लद्दाख की एकता चुनौती न दें।
सभा को संबोधित करते हुए लाकरूक ने केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन की नई आबकारी नीति की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति पर्याप्त जनपरामर्श के बिना लागू की गई है और इसके गंभीर सामाजिक दुष्परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह नीति शराब के सेवन को बढ़ावा देगी तथा बाहरी व्यावसायिक हितों को लद्दाख के शराब कारोबार पर हावी होने का अवसर देगी।
लाकरूक ने गृह मंत्रालय और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच हुई हालिया वार्ता के आधिकारिक रिकॉर्ड में महत्वपूर्ण मांगों को शामिल न किए जाने पर भी असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि लेह एपेक्स बॉडी और करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के प्रतिनिधियों ने संवैधानिक सुरक्षा तथा लद्दाख के लिए निर्वाचित विधायी निकाय से जुड़े मुद्दों को बैठक के विवरण से बाहर रखे जाने पर आपत्ति दर्ज कराई थी।
सांविधानिक सुरक्षा और अधिक राजनीतिक अधिकारों की मांग दोहराते हुए उन्होंने केंद्र सरकार से लद्दाख के लोगों से किए गए वादों को पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने बड़े निवेश और लग्जरी पर्यटन परियोजनाओं का भी विरोध करते हुए कहा कि विकास नीतियों में स्थानीय हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
बंद को सफल बनाने के लिए व्यापारियों, धार्मिक संगठनों और आम नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए लाकरूक ने कहा कि भारी जनभागीदारी लद्दाख की एकता का प्रतीक है।
-
कारगिल में पूर्ण बंद, नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन
कारगिल। लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के आह्वान पर 23 जून को कारगिल में पूर्ण बंद रहा। बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान और विभिन्न संस्थान बंद रहे तथा लोगों ने केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन की कई नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कारगिल में बड़ी संख्या में लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन में भाग लिया। उन्होंने निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक जनभागीदारी तथा क्षेत्र के लिए मजबूत सांविधानिक सुरक्षा की मांग की। केडीए के सह-अध्यक्ष सज्जाद करगिली ने लेह और कारगिल दोनों में बंद को सफल बताया।
-
लद्दाख बंद के पीछे कई मुद्दे : एलएबी और केडीए
लेह। लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) ने कहा कि लद्दाख बंद के पीछे कई मुद्दे हैं। केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े कई नीतिगत और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर प्रदेश के लोगों में व्यापक चिंता है।
बंद के प्रमुख कारणों में प्रस्तावित आबकारी नीति, लद्दाख में अतिरिक्त शराब दुकानों को खोलने की योजना तथा लद्दाख पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट (एलपीडीडी) से संबंधित योजना को फिर से शुरू किए जाने की खबरें शामिल थीं। हितधारकों ने भूमि, परिवहन, पर्यटन और अन्य जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की।
एलएबी और केडीए ने गृह मंत्रालय तथा यूटी प्रशासन पर 22 मई को नई दिल्ली में हुई बैठक में किए गए वादों को लागू करने में देरी करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि बैठक में सहमत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को आधिकारिक कार्यवृत्त (मिनट्स ऑफ मीटिंग) में शामिल नहीं किया गया या उन्हें सही तरीके से दर्ज नहीं किया गया।
दोनों संगठनों ने कहा कि बंद का उद्देश्य इन मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित करना तथा अधिक जनपरामर्श, जवाबदेही और लद्दाख के हितों की सुरक्षा की मांग को दोहराना था। संवाद