लेह। हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख (एचएआईएल) ने अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। संस्थान का नवाचार लंदन के विक्टोरिया एंड अल्बर्ट म्यूजियम में प्रदर्शित किया जाएगा। यह जानकारी संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी गीतांजलि जैन आंगमो ने की।
गीतांजलि ने कहा कि यह सम्मान संस्थान और लद्दाख दोनों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में सोनम वांगचुक से जुड़ी नवाचार परियोजनाएं शामिल हैं जिनमें जल प्रबंधन समाधान के रूप में आइस स्तूप तथा कार्बन-निगेटिव और ऊर्जा-पॉजिटिव भवन मॉडल के रूप में निष्क्रिय सौर-तापित रैम्ड अर्थ घर शामिल हैं।
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प्रदर्शनी में हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लद्दाख की भविष्य की यूनिवर्सिटी के रूप में मास्टर प्लान भी प्रदर्शित किया गया है। साथ ही भविष्य की शिक्षा के पांच स्तंभों पर आधारित एक लकड़ी के इन्फोग्राफिक के माध्यम से इसकी शैक्षिक दर्शन को भी दर्शाया गया है जिसे गीतांजलि के डॉक्टरेट शोध के तहत विकसित किया गया। प्रदर्शनी के साथ हिमालयन इंस्टीट्यूट का 3.30 मिनट का एक वीडियो भी प्रदर्शित किया गया है।
आंगमो ने बताया कि ईस्ट लंदन में संग्रहालय की नई इमारत का उद्घाटन 14 अप्रैल को हुआ जबकि प्रदर्शनी 18 अप्रैल से जनता के लिए खोल दी गई। संग्रहालय की थीम व्हाई वी मेक है जो समकालीन विचारों, भविष्य की दुनिया और तकनीक पर केंद्रित है। संस्थान वहां अपना कार्य प्रदर्शित करने वाला भारत का एकमात्र संस्थान है।