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Srinagar News: लद्दाख के नागरिकों के और करीब पहुंचा न्याय

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सीजेआई सूर्यकांत द्वारा लद्दाख विधिक सेवा प्राधिकरण भवन का उद्घाटन।स्रोत – संवाद।
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- सीजेआई सूर्यकांत ने लेह में नए न्यायालय परिसर और लद्दाख विधिक सेवा प्राधिकरण भवन का किया उद्घाटन
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-बोले, कारगिल में भी आधुनिक न्यायालय परिसर जल्द लोगों को समर्पित किया जाएगा
लेह। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने शनिवार को लेह में अत्याधुनिक जिला न्यायालय परिसर और लद्दाख विधिक सेवा प्राधिकरण भवन का उद्घाटन किया। इससे न्याय लद्दाख के नागरिकों के और करीब पहुंच गया है।
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की न्यायिक पहुंच और मजबूत

मुख्य न्यायाधीश का आगमन पर पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने नव-निर्मित न्यायालय परिसर और अदालत कक्षों का निरीक्षण किया। उन्होंने लद्दाख विधिक सेवा प्राधिकरण भवन में आयोजित पौधारोपण अभियान में भी भाग लिया। उन्होंने क्षेत्र की विधिक बिरादरी के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह, मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा आदि उपस्थित थे। न्यायमूर्ति अरुण पल्ली और न्यायमूर्ति सिंधु शर्मा ने पूरे दौरे के दौरान मुख्य न्यायाधीश के साथ मौजूद रहे।
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अधिकारियों ने बताया कि 1978 में स्थापित पुराने न्यायालय में एक ही जिला न्यायाधीश लेह और कारगिल हर छह महीने में अदल-बदल कर बैठते थे। इसके विपरीत नए परिसर में पांच आधुनिक अदालत कक्ष हैं जो न्यायिक क्षमता को काफी बढ़ाते हैं।

लद्दाख विधिक सेवा प्राधिकरण भवन में पत्रकार वार्ता के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने अपने दौरे को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, यह भारतीय न्यायपालिका के लिए गर्व की बात है कि मैं यहां उसका प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। साथ ही यह भी सम्मान की बात है कि पहली बार कोई मुख्य न्यायाधीश लद्दाख आया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख उच्च न्यायालय और लद्दाख प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह नया परिसर अगले 50 वर्षों तक लोगों की सेवा करेगा।

मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि कारगिल में भी इसी तरह का आधुनिक न्यायालय परिसर तैयार हो चुका है जिसका जल्द उद्घाटन किया जाएगा। उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण भवन की उन्नत सुविधाओं का भी उल्लेख किया जिसमें मध्यस्थता, कानूनी सलाह और सहायता के लिए व्यवस्थाएं तथा पैरालीगल स्वयंसेवकों के लिए विशेष स्थान शामिल हैं।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका का उद्देश्य न्याय को लोगों के दरवाजे तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा, लद्दाख के नागरिकों को न्याय के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी चाहिए। लेह और कारगिल में आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से हम समयबद्ध और प्रभावी न्याय सुनिश्चित करना चाहते हैं। लद्दाख के लोगों ने हमेशा संविधान, विधि के शासन और न्यायपालिका पर गहरा विश्वास बनाए रखा है। इस विश्वास को बनाए रखना व्यवस्था की जिम्मेदारी है।
लद्दाख के लोगों के योगदान व बलिदान का किया उल्लेख

1962 से लद्दाख के लोगों की ओर से दिए गए योगदान और बलिदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश को इस संवेदनशील सीमा क्षेत्र में उनकी भूमिका पर गर्व है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका सैनिकों, अर्धसैनिक बलों और आम नागरिकों को सुलभ, सस्ता और समय पर न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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मध्यस्थता को देशभर में मिल रही पहचान

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने लद्दाख में मध्यस्थता की मजबूत परंपरा की भी सराहना करते हुए इसे पूरे देश के लिए एक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, मध्यस्थता को देशभर में पहचान मिल रही है। लद्दाख इसमें अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह हमारे लिए गर्व की बात है। यह उद्घाटन लद्दाख के न्यायिक परिदृश्य में परिवर्तनकारी चरण को दर्शाता है जिसका उद्देश्य देश के सबसे दूरस्थ क्षेत्रों में भी आधुनिक और सुलभ न्याय सुनिश्चित करना है।
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