लद्दाख के मुख्य सचिव पश्मीना बकरी की कंघी (कॉम्बिंग) प्रक्रिया का अवलोकन करते हुए।स्रोत – सूचन
- फोटो : शहर की ईदगाह में शनिवार को नमाज अदा करते लोग।
लद्दाख के मुख्य सचिव ने न्योमा उपमंडल के दौरे के दूसरे दिन रोजगार के अवसर सृजित करने की आवश्यकता पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने न्योमा उपमंडल के दौरे के दूसरे दिन कई सीमावर्ती गांवों में विकासात्मक मुद्दों की समीक्षा की। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों को अधिक सशक्त और जीवंत बनाने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत के निर्देश दिए। साथ ही रोजगार के अवसर सृजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
स्कूल शिक्षा की प्रशासनिक सचिव भानु प्रभा के साथ मुख्य सचिव ने अपने दौरे की शुरुआत त्सागा गांव से की। यहां उन्होंने घुमंतू परिवारों और पश्मीना उत्पादकों से बातचीत की। उन्होंने पश्मीना कंघीकरण (कॉम्बिंग) का लाइव प्रदर्शन देखा और कृषि व चरागाह भूमि के विकास, लोमा और त्सागा के बीच सड़क संपर्क सुधारने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन तथा आवासीय छात्रावास के निर्माण से संबंधित जन शिकायतें सुनीं।
इसके बाद कुंद्रा ने भारत-चीन सीमा के अंतिम भारतीय गांव डेमचोक का दौरा किया। यहां उन्होंने सेना के अधिकारियों के साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार कर क्षेत्र के समग्र विकास को गति देने पर चर्चा की।
रास्ते में उन्होंने दूंगती और कोयुल गांवों में तिब्बती शरणार्थी समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात कर उनकी विकास संबंधी चुनौतियों को समझा। वापसी के दौरान हनले गांव के निवासियों ने भी अपनी समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
दो दिवसीय दौरे का समापन न्योमा उपमंडल में विकास की आवश्यकताओं के व्यापक आकलन के साथ हुआ जिसमें प्रशासन ने जल्द से जल्द लोगों की चिंताओं का समाधान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।