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Srinagar News: बुद्ध पूर्णिमा पर एक मई को होगा पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी का उद्घाटन

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मुख्य सचिव ने बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी को लेकर प्रेस ब्रीफिंग दी, स्रोत – सूचना विभ
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- उपराज्यपाल की ओर से भेजे प्रस्ताव के मसौदे को मिली मंजूरी, यूटी स्तरीय समिति की हुई पहली बैठक
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संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने वीरवार को बताया कि भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को लेह लाने के लिए उपराज्यपाल की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के मसौदे को मंजूरी मिल गई है। एलजी की ओर से गठित यूटी-स्तरीय समन्वय समिति की पहली बैठक वीरवार को हुई। बुद्ध पूर्णिमा पर एक मई को पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा।

बैठक में लद्दाख बुद्धिस्ट एसोसिएशन, लद्दाख गोम्पा एसोसिएशन के प्रतिनिधि, कई रिनपोचे, नेता ताशी ग्याल्सन और जामयांग त्सेरिंग नामग्याल तथा विभिन्न मठों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी का उद्घाटन एक मई को बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर किया जाएगा।
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पवित्र अवशेषों के 28 या 29 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय से लेह पहुंचने की संभावना है। अंतिम कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय के साथ समन्वय के बाद तय किया जाएगा। इन अवशेषों को राष्ट्रीय संग्रहालय से बहुत कम ही बाहर ले जाया जाता है। लद्दाख में इन्हें लगभग 70 वर्ष पहले लाया गया था जिससे यह अवसर क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बन जाता है। अवशेषों के आगमन से पहले लद्दाख के चयनित मठों में लगभग एक सप्ताह तक विशेष प्रार्थनाएं की जाएंगी। इस प्रदर्शनी का विषय संघर्ष के समय में शांति प्रस्तावित किया गया है जो वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भगवान बुद्ध के शांति संदेश को दर्शाता है।
15 से 30 अप्रैल तक लेह में चलेगा सफाई अभियान

अवशेषों के स्वागत के लिए लेह हवाई अड्डे पर एक स्वागत समिति गठित की जाएगी। अवशेषों के आगमन से पहले शुद्धिकरण अनुष्ठान भी किए जाएंगे। साथ ही 15 से 30 अप्रैल तक लेह शहर में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा जिसमें सेना, आईटीबीपी, लद्दाख पुलिस, नगर समिति और विभिन्न सामाजिक संगठनों की भागीदारी होगी।
प्रदर्शनी जीवेत्सल में आयोजित की जाएगी

यह प्रदर्शनी जीवेत्सल में आयोजित की जाएगी और प्रयास किया जाएगा कि पवित्र अवशेष 1 मई से 31 मई तक लेह में रहें। हालांकि अंतिम निर्णय संस्कृति मंत्रालय के कार्यक्रम के अनुसार होगा। कार्यक्रम के आयोजन में एलबीए और एलजीए सहयोग करेंगे जबकि प्रशासन पानी, शौचालय, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगा।
बौद्ध बहुल देशों के राजदूतों को आमंत्रित किया जाएगा

प्राधिकरणों ने यह भी योजना बनाई है कि बौद्ध बहुल देशों के राजदूतों, बौद्ध विरासत वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों तथा प्रमुख बौद्ध शैक्षणिक संस्थानों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके साथ ही महाबोधि केंद्र में एक अंतरधार्मिक संवाद संगोष्ठी का आयोजन भी किया जाएगा, जो लद्दाख की बहुधार्मिक सौहार्द की परंपरा को दर्शाएगा। बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी, जिनमें अलग कतारें, बैठने की सुविधा, पार्किंग व्यवस्था और नुब्रा तथा चांगथांग जैसे क्षेत्रों से शटल सेवाएं शामिल होंगी।
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सुचारु संचालन के लिए उप-समितियां गठित की जाएंगी

अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम के सुचारु संचालन के लिए उप-समितियां गठित की जाएंगी। वहीं एलबीए के स्वयंसेवक और स्थानीय समुदाय के लोग भी इस ऐतिहासिक आयोजन के सफल संचालन में सहयोग करेंगे। नागरिकों, युवाओं और बाजार संघों से भी इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है।
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