लद्दाख एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने आरोप लगाया है कि 22 मई की बैठक में हुई महत्वपूर्ण सहमतियों को आधिकारिक कार्यवाही में शामिल नहीं किया गया, जिससे केंद्र के प्रति अविश्वास बढ़ा है। इसके विरोध में दोनों संगठनों ने 23 जून को लद्दाख बंद और लेह में एक बड़े जनसमूह के आयोजन का आह्वान किया है।
लद्दाख एपेक्स बॉडी ( एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) ने केंद्र सरकार पर महत्वपूर्ण निर्णयों को बैठक के आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल नहीं करने का आरोप लगाते हुए 23 जून को पूरे लद्दाख में बंद का आह्वान किया है।
शनिवार को लेह में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में एलएबी के सह-अध्यक्ष चेरिंग दोरजे ने कहा कि 22 मई को गृह मंत्रालय की उपसमिति के साथ हुई बैठक में लद्दाख के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था, विधायी, कार्यकारी और वित्तीय अधिकारों के साथ-साथ संविधान में प्रस्तावित अनुच्छेद 371K के तहत विशेष संवैधानिक सुरक्षा पर चर्चा हुई थी। उन्होंने दावा किया कि बैठक में यह भी सहमति बनी थी कि मुख्य सचिव समेत पूरा प्रशासन लद्दाख की जनता द्वारा चुनी गई कार्यकारी व्यवस्था के अधीन कार्य करेगा।