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अब कुलगाम में टारगेट किलिंग: निशाने पर अमरनाथ यात्रा तो नहीं, आतंकियों ने छह साल में 46 प्रवासियों की ली जान

Sat, 01 Aug 2026 11:04 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

कुलगाम के केलम में आतंकियों ने एक बार फिर टारगेट किलिंग की घटना को अंजाम दिया है। आतंकियों ने दो मजदूरों को नाम पूछकर गोली मारी। दोनों मजदूरों की मौत हो गई है। हमले की जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली है।
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कुलगाम के केलम में आतंकी हमले के बाद घायलों को जीएमसी अनंतनाग में कड़ी सुरक्षा के बीच ले जाया गया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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संवेदनशील दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम में शुक्रवार देर शाम आतंकियों ने छत्तीसगढ़ निवासी दो ईंट भट्ठा मजदूरों को गोली मार दी। हमले में 24 वर्षीय दीपक रात्रे की मौके पर मौत हो गई, जबकि 28 वर्षीय भूपेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे पहले जीएमसी अनंतनाग ले जाया गया, जहां से उसकी हालत गंभीर होने पर एसकेआईएमएस श्रीनगर रेफर किया गया। उसने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के अनुसार, भूपेंद्र के सीने में दाहिने तरफ गोली लगी थी। 
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घटना की जिम्मेदारी लश्कर-ए-ताइवा (एलईटी) के शैडो संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। सूत्रों के अनुसार मजदूरों को गोली मारने से पहले उनके नाम भी पूछे गए। घाटी में 10 दिनों में टारगेट किलिंग की यह दूसरी बड़ी घटना है। पुलिस के अनुसार, दीपक के पिता उमाशंकर रात्रे और भूपेंद्र के दशरथ हैं। सूचना मिलने पर परिजन कश्मीर के लिए रवाना हो गए हैं।

कश्मीर में फिर खौफ पैदा करने की बड़ी साजिश
टारगेट किलिंग से आतंकी फिर जम्मू-कश्मीर में खौफ पैदा करने की बड़ी साजिश रच रहे हैं। इससे पहले भी आतंकी मुख्य रूप से प्रवासी मजदूरों, अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों और निहत्थे नागरिकों को निशाना बना चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इस तरह के हमलों का मुख्य उद्देश्य घाटी में काम कर रहे बाहरी लोगों में दहशत का माहौल पैदा करना और क्षेत्र की शांति व विकास को बाधित करना है।

टारगेट किलिंग की दहशत: आतंकियों ने 6 साल में 46 प्रवासियों की ली जान
घाटी में कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाकर शुरू हुई टारगेट किलिंग अब बाहरी राज्यों से रोजी-रोटी की तलाश में आने वाले प्रवासियों की जिंदगी तबाह कर रहा है। बीते छह साल में आतंकी ऐसे हमलों में 46 लोगों की हत्या कर चुके हैं।

  • पहलगाम में पिछले साल 22 अप्रैल को आतंकियों ने 26 लोगों की पहचान पूछकर हत्या कर दी थी।
  • 2024 में गांदरबल में सुरंग परियोजना के शिविर पर हमले में 7 लोग मारे गए थे। उसी साल अप्रैल में बिहार के श्रमिक राजू शाह को गोलियों से छलनी कर दिया गया था।

...तो निशाने पर थी अमरनाथ यात्रा
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, आतंकियों के निशाने पर अमरनाथ यात्रा थी लेकिन सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध के कारण वह अपनी इस साजिश में सफल नहीं हो सके। इससे पहले भी दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात पुलिस हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह मामला भी टारगेट किलिंग का ही था। तब चार हजार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था।
 

हमले में पाकिस्तानी आतंकी के शामिल होने के संकेत
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार हमले में असॉल्ट राइफल का प्रयोग हुआ है। इसमें पाकिस्तानी आतंकियों के शामिल होने की आशंका है। पाकिस्तान लगातार पीओके से ध्यान भटकाने के लिए आतंकियों की जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ का प्रयास करता रहा है। इसी सप्ताह सुरक्षा बलों ने घुसपैठ के दो बड़े प्रयास असफल किए हैं। शुक्रवार को ही एक पाकिस्तान ड्रोन को मार गिराया।
 
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कायरतापूर्ण आतंकी हमले का करारा जवाब दिया जाएगा: उपराज्यपाल
छत्तीसगढ़ के एक मजदूर की हत्या वाले कुलगाम के जघन्य आतंकी हमले के बाद पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों से बात की है। यह इस कायरतापूर्ण आतंकी हमला निंदनीय है। सुरक्षा बलों को आतंकवादियों के खिलाफ अभियान और तेज करने तथा उन्हें जल्द से जल्द ढेर करने के निर्देश दिए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली है। मनोज सिन्हा,उपराज्यपाल जस्म-कश्मीर
 
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