घटते उत्पादन और रकबे ने बढ़ाई चिंता
आंकड़ों के मुताबिक कश्मीरी केसर उद्योग चुनौतियों का सामना कर रहा है। वर्ष 2021 में केसर का उत्पादन 17.33 मीट्रिक टन था, जो 2022 में घटकर 14.87 मीट्रिक टन रह गया। 2023 में यह 14.94 मीट्रिक टन दर्ज किया गया। वहीं, खेती का रकबा भी पहले के 5,700 हेक्टेयर से अधिक के स्तर से घटकर करीब 3,700 हेक्टेयर रह गया है।
वैश्विक स्तर पर पहली बार ऐसा नवाचार
परियोजना से जुड़ीं वरिष्ठ वैज्ञानिक सुनीता वर्मा कहती हैं कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, स्कॉस्ट और सी-डैक कोलकाता मिलकर केसर की स्वचालित और रोबोटिक कटाई की तकनीक विकसित कर रहे हैं। यह दुनिया में अपनी तरह का पहला नवाचार है। इस तकनीक से श्रमिकों की कमी दूर हो सकेगी।