सोमवार को भारतीय दूतावास ने कश्मीरी सहित भारतीय छात्रों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाना शुरू किया है। तीन विश्वविद्यालयों के छात्रोंं को स्थानांतरित भी किया जा चुका है। फिर भी अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहद चिंतित हैं। श्रीनगर के नवाकदल निवासी मुख्तार अहमद ने बताया कि उनकी बेटी शिराज विश्वविद्यालय में मेडिकल की छात्रा है।
आज सुबह आखिरी बार उससे बात हुई थी। उसने बताया था कि तीन दिन से वह बहुत डरी हुई है। शहीद बेहेश्टी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के विद्यार्थियों को निकाला जा रहा है, जबकि उनको पता नहीं कब निकाला जाएगा। मुख्तार ने अपील की कि उसकी बेटी को जल्द से जल्द वापस घर लाया जाए।श्रीनगर के ही अयूब डार ने बताया कि उनकी भतीजी तेहरान के मेडिकल कॉलेज में पढ़ती है। दो दिन से उससे बात नहीं हुई है।
परिवार बेहद परेशान है। बच्चों को अर्मेनिया की तरफ से भी निकाला जा सकता है, अफगानिस्तान की तरफ से भी। यह भारतीय दूतावास को तय करना है। भारतीय दूतावास का धन्यवाद कि वह बच्चों को सुरक्षित जगह पहुंचा रहे हैं। मेरी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से अपील है कि हमारे बच्चों को वापस लाया जाए।
अभिभावकों ने बारामुला में दिया धरना दिया
बच्चों की सुरक्षित वापसी के लिए सोमवार को अभिभावकों ने बारामुला के कर्रिपा पार्क में धरना दिया। बच्चों की तस्वीरें और तख्तियां थामे अभिभावकों ने भारत सरकार से बच्चों की सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया। धरने के दौरान अभिभावक चुपचाप बैठे रहे, कुछ की आंखों में आंसू थे। अभिभावकों ने स्थानीय प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा, जो विदेश मंत्रालय को संबोधित था, जिसमें फंसे हुए छात्रों को तुरंत निकालने और वापस लाने का आग्रह किया गया।
पुलवामा पुलिस ने भी जारी किए हेल्पलाइन नंबर
ईरान में मौजूदा स्थिति को देखते हुए पुलवामा पुलिस ने जिले के निवासियों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। छात्र, श्रमिक या कोई अन्य व्यक्ति जाे ईरान में फंसे हों, और जिन्हें मदद की जरूरत है, उनके परिजन सहायता के लिए पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 9541915035, 9541914968, 01933241280, 01933241986 पर संपर्क कर सकते हैं।
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