संयुक्त चिकित्सा प्रशिक्षण से सैन्य–नागरिक समन्वय को मिली मजबूती, स्रोत – भारतीय सेना
कारगिल। सैन्य-नागरिक समन्वय और सामुदायिक सशक्तीकरण की भावना को सुदृढ़ करते हुए सेना ने द्रास में बुधवार को संयुक्त चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।
तैयारी से जीवन बचता है के मूल मंत्र के साथ की गई इस पहल का उद्देश्य लद्दाख के सबसे चुनौतीपूर्ण भौगोलिक क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया को मजबूत करना था। द्रास हीलर्स ने 24 से अधिक आशा कार्यकर्ताओं को गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में ट्रायेज प्रबंधन, बेसिक लाइफ सपोर्ट, प्राथमिक उपचार तथा घायल व्यक्तियों की निकासी जैसे महत्वपूर्ण जीवनरक्षक कौशल शामिल थे ताकि वे चिकित्सा आपात स्थितियों, प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं के दौरान प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दे सकें।
संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम ने नागरिक स्वास्थ्यकर्मियों और सैन्य चिकित्सा विशेषज्ञों को एक मंच पर लाते हुए आपसी समन्वय और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया। प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रदर्शन और वास्तविक आपातकालीन परिदृश्यों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया जिससे वे फील्ड में आत्मविश्वास के साथ इन कौशल का उपयोग कर सकें। संवाद