सिंथनटॉप पर बर्फबारी का आनंद लेते पर्यटक
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जनवरी में बर्फ से लदा नजर आने वाला कश्मीर नए साल के 17 दिन बीत जाने के बाद भी सूखा है। चिल्ले कलां (अत्याधिक ठंड) के बीस दिन गुजरने के बाद भी घाटी में बर्फबारी होती नहीं दिख रही। इसका बड़ा असर पर्यटन पर देखने को मिल रहा है। इन दिनों गुलमर्ग, पहलगाम में होटल पर्यटकों से भरे रहते थे लेकिन इस बार कम ही पर्यटक नजर आ रहे हैं।
बर्फ की उम्मीद में दोनों पर्यटन स्थलों पर पहुंचे देश और देश के बाहर से आए पर्यटक निराश होकर लौट रहे हैं। बर्फ के सूखे के बीच पर्यटकों के लिए सिंथनटॉप उम्मीद की किरण बना है। सिंथन टॉप 12,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित एक बर्फ से ढकी पर्वत चोटी है जो दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग को कोकेरनाग के माध्यम से जम्मू क्षेत्र में किश्तवाड़ से जोड़ती है।
दक्षिण कश्मीर के इस पर्यटन स्थल पर कुदरत मेहरबान हुई है। यहां पूर्व में हुई बर्फबारी के दौरान अभी भी काफी बर्फ जमी है। इसे देखने के लिए पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं जिससे सिंथनटॉप घूमने के नए ठिकाने के तौर पर उभर रहा है।
बर्फ में खेलने का अवसर मिल रहा, लोग एक बार यहां जरूर आएं
सिंथनटॉप पहुंचे पर्यटक खुश नजर आ रहे हैं। एक पर्यटक का कहना था कि वह काफी समय से जनवरी का इंतजार कर रहे थे कि कब ये महीना आए और वह कश्मीर में बर्फ गिरती देखें लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब वह घर लौटना चाह रहे थे, लेकिन जब सिंथनटॉप का पता चला तो यहां आ गए। यहां पर बर्फ के साथ खेलने का अवसर मिल रहा है।
यहां खूब मस्ती चल रही है और आनंद आ रहा है। उनकी लोगों से अपील है कि वह एक बार इस जगह का भी जरूर भ्रमण करें। सिंथनटॉप में पर्यटकों के आने से स्थानीय लोगों के मकान रोजगार के साधन पैदा कर रहे हैं, जिससे लोग खुश हैं।