मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वीरवार को कहा कि उनकी सरकार लोगों को अधिक बिजली की आपूर्ति करने के लिए बिजली वितरण के घाटे को कम करेगी। साथ ही मीटरिंग में तेजी लाने पर ध्यान केंद्रित करेगी। 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना मार्च या अप्रैल में शुरू की जाएगी।
उमर ने कहा, मीटरिंग एक सतत प्रक्रिया है, यह भारत सरकार की योजना का एक हिस्सा है। हम इसे लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और हम करेंगे। जाहिर है जितनी अधिक मीटरिंग होगी उतनी ही कम चोरी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर केंद्र से बिजली खरीदने के लिए हर साल 9500 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है।
कश्मीर घाटी में बिजली कटौती पर अब्दुल्ला ने कहा कि हमें हर सर्दियों में ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि इस साल सरकार लोगों को पिछले साल की तुलना में अधिक बिजली उपलब्ध करा रही है, लेकिन, अभी भी बिजली कटौती की जरूरत है। हम 1700-1800 मेगावाट बिजली की आपूर्ति कर रहे हैं, लेकिन अप्रतिबंधित भार इससे अधिक है।
200 यूनिट मुफ्त बिजली देने के अपने चुनावी वादे के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा कि यह योजना मार्च या अप्रैल में शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा, "हमने अपने घोषणापत्र में जो वादा किया है। वह तभी पूरा होगा जब पूरी तरह से मीटरिंग होगी।