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लंबित टावर साइटों को फास्ट-ट्रैक आधार पर क्लियर करें : डुल्लू

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श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर की 11वीं राज्य ब्रॉडबैंड समिति (एसबीसी) की बैठक हुई। बैठक में केंद्र शासित प्रदेश में सभी को हाई-स्पीड दूरसंचार और इंटरनेट सेवाएं मुहैया कराने के लिए चल रही प्रमुख डिजिटल कनेक्टिविटी पहलों की प्रगति की समीक्षा की गई।
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बैठक में एसीएस पीडीडी, एसीएस पीडब्ल्यूडी, आयुक्त सचिव आईटी, सचिव आरडीडी, सीजीएम बीएसएनएल, एमडी जेपीडीसीएल/केपीडीसीएल, दूरसंचार विभाग के प्रतिनिधि और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। भूमि आवंटन और वैधानिक मंजूरी की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने सभी उपायुक्तों को लंबित टावर साइटों को फास्ट-ट्रैक आधार पर क्लियर करने के निर्देश दिए। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को दूरदराज और बिना नेटवर्क वाले इलाकों में टेलीकॉम टावर लगाने के लिए चिह्नित हर साइट की जिलावार स्थिति रिपोर्ट और समय सीमा लेने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिए कि फिजिबिलिटी असेस्मेंट, भूमि चिन्हित करने, वैधानिक मंजूरी और भूमि हस्तांतरण पर साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट ली जाए ताकि प्रोजेक्ट बिना देरी के आगे बढ़े। मुख्य सचिव ने जोर दिया कि दूरसंचार विभाग और बीएसएनएल की ओर से संयुक्त रूप से तैयार की गई नई सूची में केंद्र शासित प्रदेश में चिह्नित सभी बिना नेटवर्क वाली बस्तियों को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि हर पात्र बस्ती को मोबाइल नेटवर्क कवरेज के तहत लाया जाए ताकि कनेक्टिविटी का अंतर खत्म हो और जम्मू-कश्मीर का कोई भी गांव ऑफ-एयर न रहे।
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उन्होंने बिजली विकास विभाग, केपीडीसीएल और जेपीडीसीएल को सभी संभावित टेलीकॉम टावर स्थलों पर समय पर ऑन-ग्रिड बिजली कनेक्शन देने के निर्देश दिए। उन्होंने कॉल बिफोर यू डिग (सीबीयूडी) प्लेटफॉर्म के कार्यान्वयन और सड़क कटिंग व खुदाई कार्यों से जुड़ी मानक संचालन प्रक्रिया के अनुपालन की भी समीक्षा की। संशोधित भारतनेट कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने ग्राम पंचायत स्तर पर भारतनेट ढांचे के संचालन की बारीकी से निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय दूरसंचार अधिकारियों और आरडीडी से कहा कि स्टेट नेटवर्क ऑपरेशंस सेंटर नेटवर्क के जरिए पहले से चालू सभी ग्राम पंचायतों में भारतनेट उद्यमियों (बीएनयू) की स्थिति पता करें। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का अंतिम लक्ष्य सिर्फ ब्रॉडबैंड ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि फाइबर-टू-द-होम (एफटीटीएच) सेवाओं के जरिए घरों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी चालू ग्राम पंचायतों को बीएनयू के जरिए धीरे-धीरे सक्षम किया जाए ताकि ग्रामीण इलाकों के इच्छुक घरों को विश्वसनीय ब्रॉडबैंड सेवा मिल सके।
आयुक्त सचिव आईटी सौरभ भगत ने बैठक में 4जी सैचुरेशन प्रोजेक्ट, संशोधित भारतनेट कार्यक्रम, 5जी ढांचे की तैयारी और कॉल बिफोर यू डिग पहल की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के 4जी सैचुरेशन प्रोजेक्ट के तहत जम्मू-कश्मीर के दूरदराज, सीमावर्ती, पहाड़ी और वंचित इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी पहुंचाने में बड़ी प्रगति हुई है। सीजीएम बीएसएनएल ने बताया कि कुल 847 मोबाइल टावर साइटों में से 566 साइटें चालू हो चुकी हैं। पिछली राज्य ब्रॉडबैंड समिति की बैठक में 506 साइटें चालू थीं। 128 जगहों पर टावर की नींव पूरी हो चुकी है, 97 जगहों पर टावर खड़े हो गए हैं और 82 साइटों पर पैसिव इंफ्रास्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका है। 775 साइटों के लिए वर्क ऑर्डर जारी हो चुके हैं। बीएसएनएल को मौजूदा वर्क ऑर्डर के तहत बाकी साइटें 31 दिसंबर 2026 तक पूरी करने का लक्ष्य दिया गया है।
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