सुरू समर फेस्टिवल में उमड़ी भारी भीड़।
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कारगिल। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने बुधवार को सुरम्य सुरू घाटी के दमसना में 26 से 27 अगस्त तक आयोजित किए जा रहे दूसरे सुरू समर फेस्टिवल 2026 का वर्चुअली उद्घाटन किया।यह महोत्सव क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों, साहसिक पर्यटन की संभावनाओं और पारंपरिक जीवनशैली को प्रदर्शित कर रहा है। इसे ‘सेलिब्रेट लद्दाख’ कैलेंडर के तहत नौ केंद्रशासित प्रदेश स्तरीय महोत्सवों में शामिल किया गया है। यह लद्दाख प्रशासन के लद्दाख को वर्षभर पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देने के प्रयासों को दर्शाता है।
इस अवसर पर उपराज्यपाल ने सुरू घाटी की विशाल पर्यटन संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह क्षेत्र हिमालयी परिदृश्यों, हरी-भरी घाटियों, नदियों, संस्कृति और साहसिक गतिविधियों का अनूठा संगम है। उन्होंने कहा कि सुरू घाटी भारत के प्रमुख पर्वतीय पर्यटन स्थलों में से एक के रूप में उभरने की क्षमता रखती है।
सक्सेना ने कहा कि सुरू घाटी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले ही पहचान मिल चुकी है। नेशनल जियोग्राफिक ने भी इसे वर्ष 2025 में घूमने के लिए दुनिया के 25 सर्वश्रेष्ठ गंतव्यों में शामिल किया था।प्रतिष्ठित नुन-कुन पर्वत शृंखला का उल्लेख करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि लगभग 7,135 मीटर ऊंची नुन चोटी और करीब 7,077 मीटर ऊंची कुन चोटी के साथ क्षेत्र में पर्वतारोहण और अभियान पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। यह सुरू को प्रमुख उच्च-ऊंचाई वाले साहसिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरू समर फेस्टिवल को दो दिवसीय वार्षिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए एक ऐसे प्रमुख पर्यटन मंच के रूप में विकसित किया जाना चाहिए जो सुरू घाटी को वैश्विक स्तर पर पहचान दिला सके। उन्होंने रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, साइकिलिंग, ट्रेकिंग, मछली पकड़ने और नेचर वॉक जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
उपराज्यपाल ने कहा कि इन गतिविधियों के विकास से स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, प्रशिक्षक, ऑपरेटर और उद्यमी के रूप में स्थायी रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि साहसिक पर्यटन गतिविधियों को महोत्सव की अवधि से आगे भी जारी रखा जाना चाहिए।