लेह। लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने पश्मीना कारीगरों, बुनकरों, उद्यमियों और सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पश्मीना क्षेत्र की प्रगति का आकलन किया गया तथा इसके सतत विकास के उपायों पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान हितधारकों ने तकनीकी उन्नयन, आधुनिक मशीनों की उपलब्धता, करघों के आधुनिकीकरण और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं की आवश्यकता जैसे मुद्दों को उठाया। उन्होंने कच्चे पश्मीना के प्रमुख उत्पादक चांगपा समुदायों के लिए जागरूकता और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों पर भी जोर दिया।
कुंद्रा ने व्यवस्थित कौशल उन्नयन के महत्व को रेखांकित करते हुए सामूहिक विकास के लिए मजबूत सहकारी ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रमुख बुनाई केंद्रों में साझा अवसंरचना, मशीनरी, प्रशिक्षण और विपणन सहायता उपलब्ध कराने के लिए क्लस्टर आधारित कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
मुख्य सचिव ने कहा कि सहकारी मॉडल पर आधारित विकास से उत्पादकता बढ़ेगी, बाजार तक पहुंच मजबूत होगी, लद्दाख की पारंपरिक बुनाई विरासत का संरक्षण होगा तथा लद्दाखी पश्मीना की वैश्विक पहचान को और मजबूती मिलेगी।