लेह। लेह स्थित धर्मा सेंटर में 14 दिनों तक चली पवित्र बुद्ध अवशेष प्रदर्शनी वीरवार को संपन्न हो गई। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु अंतिम दर्शन और भगवान बुद्ध की प्रार्थना में शामिल हुए।
अधिकारियों के अनुसार देश और विदेश से आए 1.18 लाख से अधिक श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों ने दो सप्ताह तक चली इस प्रदर्शनी के दौरान पवित्र अवशेषों के दर्शन किए। समापन समारोह के दौरान बौद्ध भिक्षुओं ने विश्व शांति के लिए “मोनलम चेनमो” अर्थात महान प्रार्थना उत्सव का आयोजन किया।
धार्मिक नेताओं ने इस आयोजन को लद्दाख और बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए एक दुर्लभ आध्यात्मिक अवसर बताते हुए कहा कि यह शांति, करुणा और सद्भावना के संदेश को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन रहा।
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन लद्दाख के लोगों के लिए “जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर” साबित हुआ। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी से लद्दाख को ईको-स्पिरिचुअल पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में भी पहचान मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि भले ही भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष अपने संरक्षित स्थान पर वापस लौट जाएंगे, लेकिन तथागत बुद्ध की शिक्षाएं और बौद्ध धर्म का वास्तविक सार सदैव लद्दाख को प्रेरित और आलोकित करता रहेगा।