कारगिल। भारतीय सेना की फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने बुधवार को द्रास में संगम–ए–सुर शीर्षक से एक जीवंत सांस्कृतिक और संगीत महोत्सव का आयोजन किया। कलाकारों ने मधुर प्रस्तुतियों से मन मोह लिया।
इस कार्यक्रम ने स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया और सेना तथा नागरिकों के बीच संबंधों को और मजबूत किया। इस कार्यक्रम में सिविल प्रशासन के अधिकारियों, स्थानीय निवासियों, युवाओं और सेना के जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 600 से अधिक लोगों की उपस्थिति ने क्षेत्र में सहयोग और सहभागिता की भावना को दर्शाया।
क्षेत्र के छह एकल कलाकारों ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया, जबकि एक आकर्षक समूह नृत्य ने शाम में रंग भर दिए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भारतीय सेना का जैज बैंड रहा, जिसकी ऊर्जावान प्रस्तुति ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया और दर्शकों की खूब सराहना हासिल की।
यह कार्यक्रम भारतीय सेना की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें वह न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करती है, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने का भी कार्य करती है। ऐसे प्रयास लद्दाख जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने में सेना की व्यापक भूमिका को भी उजागर करते हैं।