उधमपुर। देविका परियोजना के अंतर्गत शहर में स्थापित किए गए सीवरेज सिस्टम में कथित खामियों को लेकर रविवार को लोक विकास दल ने शहर के सलाथिया चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने यूईईडी (शहरी पर्यावरण इंजीनियरिंग विभाग) तथा ब्रिज गोपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी के विरुद्ध नारेबाजी कर पुतला दहन किया। साथ ही ब्रिज गोपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर एफआईआर दर्ज करननेकी मांग उठाई।
प्रदर्शन का नेतृत्व लोक विकास दल के अध्यक्ष विक्रम सिंह सलाथिया ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित देविका परियोजना के अंतर्गत बिछाई गई सीवरेज लाइनें एवं अन्य ढांचागत कार्य कई स्थानों पर मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इसके कारण शहर के सभी 21 वार्डों में आम जनता को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विक्रम सिंह सलाथिया ने कहा कि कुछ दिन पूर्व ही संगठन की तरफ से प्रदेश सरकार एवं संबंधित विभाग को इस संबंध में चेतावनी दी गई थी कि शहर में सीवरेज व्यवस्था पूर्ण रूप से विफल हो चुकी है। अतः इस पर तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके विरोध में यह प्रदर्शन किया गया।
उन्होंने आगे कहा कि लगभग 187 करोड़ रुपये की लागत से प्रारंभ की गई देविका परियोजना का उद्देश्य उधमपुर शहर के विकास एवं पवित्र देविका नदी के संरक्षण को सुनिश्चित करना था। निर्माण कार्यों में कथित लापरवाही के कारण जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनके अनुसार सभी 21 वार्डों में सीवरेज व्यवस्था विफल साबित हो रही है। इससे लीकेज के कारण सड़कों पर गंदा पानी बह रहा है तथा दूषित जल पेयजल आपूर्ति में मिलकर लोगों के घरों तक पहुंच रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीवरेज निर्माण करने वाली ब्रिज गोपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने अनुबंध के अनुसार निर्माण के बाद 10 वर्षों तक रखरखाव का दायित्व संभालना था लेकिन कंपनी अपने दायित्व से पीछे हट गई है। इसके बावजूद यूईईडी विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
लोक विकास दल ने मांग की कि संबंधित ब्रिज गोपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए। उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही सीवरेज व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए किसी अन्य सक्षम एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी जाए, जिससे शहरवासियों को राहत मिल सके।