श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने अनंतनाग के 19 साल के युवक के पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) के तहत हिरासत आदेश को रद्द कर दिया है।
जस्टिस राहुल भारती की बेंच ने फैसला सुनाया कि युवक सेहरान बशीर नाडाफ की हिरासत गैर-कानूनी थी और अधिकारियों को निर्देश दिया कि उसे तुरंत सेंट्रल जेल, कोट भलवाल से रिहा किया जाए।
कोर्ट ने पाया कि नाडाफ की कथित संलिप्तता केवल 2023 में दर्ज एक एफआईआर तक ही सीमित थी। जब वह नाबालिग था और जिसके लिए उसे 4 फरवरी 2025 को अनंतनाग के जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड द्वारा पहले ही जमानत दी जा चुकी थी। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि लगभग दो साल तक मई 2023 से फरवरी 2025 तक युवक हिरासत में रहा।
कोर्ट ने उसकी रिहाई के बाद की अवधि की बारीकी से जांच की। कहा कि अधिकारियों के पास निवारक हिरासत को सही ठहराने के लिए केवल तीन महीने का समय था। हालांकि, कोर्ट ने पाया कि पुलिस की केस फाइल में ऐसा कोई ठोस या विश्वसनीय सबूत पेश नहीं किया गया था जिससे यह साबित हो सके कि उस दौरान युवक सार्वजनिक व्यवस्था या राज्य की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों में शामिल था।