श्रीनगर। कश्मीर घाटी में पर्यटन से जुड़े हितधारकों ने कहा कि यहां के लोगों ने हमेशा से आतंकवाद का समर्थन नहीं किया है। हमेशा से ही मेहमाननवाज़ी में सबसे आगे रहे हैं। कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं जिसके बाद पर्यटन पर ब्रेक लगने से पर्यटन से जुड़े हितधारकों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
इन सब चुनौतियों के बावजूद पर्यटकों की कश्मीर में आमद और शीतकालीन खेलों के आयोजन से उनके रोजगार की उम्मीदें और बढ़ जाती हैं। उन्होंने खुशी का इज़हार करते हुए कहा कि हम खुली बांहों से यहां आने वाले आगंतुकों का स्वागत करते हैं।
गुलमर्ग के एक होटल मालिक नजीर अहमद ने बताया कि पहलगाम जैसी घटना की सभी ने कड़े शब्दों में निंदा की क्योंकि इसने इंसानियत का क़त्ल किया। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद नहीं थी कि पर्यटक फिर लौटकर वापस आएंगे लेकिन चुनौतियों और डर के बावजूद पर्यटकों ने हमारा साथ दिया और यहां घूमने आना शुरू हुए। अब गुलमर्ग में खेलो इंडिया विंटर गेम्स का आयोजन हो रहा है। चारों ओर खुशहाली का माहौल है। यह लोग यहां से वापस लौटकर जाएंगे और कश्मीर के ब्रांड एम्बेसडर बनेंगे। अब हम यही दुआ करते हैं कि कश्मीर को और किसी की नज़र न लगे।
एक अन्य होटल मैनेजर गुलज़ार अहमद ने कहा कि हमें आये पर्यटकों की मेहमाननवाज़ी करने में सुकून मिलता है। इनके आने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलता है बल्कि हमारे घरों में भी चूहले जलते हैं और दो वक्त की रोटी पक पाती है। सोनमर्ग के एक होटल मालिक शफीक अहमद ने बताया कि उनके होटल में 17 कमरे हैं और पिछले करीब दो महीने से फुल बुकिंग जा रही है। लोग आ रहे हैं, लौटकर हालातों के बारे में औरों को भी बता रहे हैं इससे पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।