पुलवामा। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल स्थित करीब 40 साल पुराने लारियार पुल को असुरक्षित घोषित कर यातायात के लिए बंद किए जाने के एक महीने बाद भी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो सकी है। इसके चलते इलाके के एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पुल के ढांचे में दरारें आने के बाद लोक निर्माण विभाग ने इसे असुरक्षित घोषित कर दिया था। इसके बाद एहतियातन इस पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई। पुल बंद होने से मुख्य संपर्क मार्ग कट गया है और लोगों को त्राल कस्बे व आसपास के क्षेत्रों में जाने के लिए लंबे वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे रोजाना सफर करने वाले कर्मचारियों, स्कूली छात्रों, व्यापारियों और खासकर मरीजों का यात्रा समय और किराया दोनों बढ़ गया है।
इस बीच त्राल के विधायक रफीक नाइक ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए संबंधित अधिकारियों से बात की है और जल्द अस्थायी डायवर्जन मार्ग बनाने का आश्वासन दिया है। विधायक ने बताया कि जब तक नए पुल का स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक जनता को राहत देने के लिए उन्होंने अपने विधायक विकास कोष से 32 लाख रुपये देने की पेशकश की है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से पुल को बंद करना सही कदम था लेकिन प्रशासन को तुरंत अस्थायी मार्ग की व्यवस्था करनी चाहिए थी। ग्रामीणों ने प्रशासन और आरएंडबी विभाग से मांग की है कि लोगों को राहत देने के लिए तुरंत डायवर्जन का निर्माण शुरू कराया जाए और पुराने जर्जर ढांचे की जगह एक नए पक्के पुल के निर्माण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाए।