श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया शांति समझौते का पुरजोर स्वागत किया। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत तुरंत और स्थायी युद्ध विराम, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने और निरंतर बातचीत के लिए एक रूपरेखा तैयार करने पर सहमति बनी है। डॉ. फारूक ने इस घटनाक्रम को वैश्विक शांति की दिशा में एक बड़ा और उत्साहजनक कदम बताते हुए उम्मीद जताई कि इससे अंतरराष्ट्रीय तनाव कम होगा और क्षेत्र में स्थिरता आएगी। उन्होंने दोनों देशों से इस सकारात्मक गति को बनाए रखने और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए स्थायी शांति स्थापित करने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि मानवीय पीड़ा को रोकने और मतभेदों को सुलझाने के लिए सार्थक संवाद ही एकमात्र सबसे प्रभावी रास्ता है।
इस बीच डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने गुरु अर्जन देव जी महाराज के शहीदी दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने गुरु महाराज के सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए उनके शांति, करुणा, विनम्रता और निष्काम सेवा के संदेश को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का जीवन और उनकी शहादत आज भी पीढ़ियों को न्याय, सहिष्णुता और सांप्रदायिक सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।