श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को अमरनाथ यात्रा की तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। सभी विभागों को आधारभूत ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, सड़क संपर्क, दूरसंचार तथा तीर्थयात्रियों से जुड़ी अन्य सुविधाओं की व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों, अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अधिकारियों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंजीकरण करा रहे हैं और पिछले वर्षों की तुलना में यात्रा में अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
उपराज्यपाल ने कहा कि श्री अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को संपन्न होगी। उन्होंने कहा कि सभी विभागों का साझा लक्ष्य प्रत्येक श्रद्धालु के लिए सुरक्षित, निर्बाध और आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक यात्रा सुनिश्चित करना है। उन्होंने यात्रा को राष्ट्रीय महत्व का आयोजन बताते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय, सक्रिय योजना और कड़ी निगरानी के साथ काम करने के निर्देश दिए।
बैठक में यात्रा मार्गों पर चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर ट्रैक की चौड़ाई बढ़ाकर लगभग 12 फुट कर दी गई है, जबकि शेष कार्य निर्धारित समय सीमा के अनुसार जारी हैं। उपराज्यपाल ने बीआरओ सहित संबंधित एजेंसियों को 25 जून तक दोनों मार्ग पूरी तरह चालू करने तथा संवेदनशील स्थानों पर क्रैश बैरियर और हैंड रेलिंग लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सड़क संपर्क, पेयजल, बिजली आपूर्ति, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाओं, आपदा प्रबंधन, परिवहन, आवास केंद्रों, होल्डिंग एरिया और दूरसंचार सेवाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने प्रमुख स्थानों पर श्रद्धालुओं की क्षमता बढ़ाने, शौचालयों और एम्बुलेंसों की संख्या में वृद्धि करने तथा व्यापक आपदा प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गांदरबल और अनंतनाग के उपायुक्तों को यात्रा मार्गों का विस्तृत निरीक्षण कर फिसलन वाले और पत्थर गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां पर्याप्त चेतावनी संकेतक लगाने को कहा गया।
उपराज्यपाल ने यात्रा शिविरों में केवल उच्च गुणवत्ता वाले और आकर्षक टेंट लगाने तथा अनधिकृत टेंटों पर रोक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर आवागमन के लिए सभी सेवा प्रदाताओं और श्रद्धालुओं के पास वैध पंजीकरण और आरएफआईडी कार्ड होना अनिवार्य होगा। इसके अलावा पोनी स्टैंडों की उचित घेराबंदी करने, आपातकालीन निकासी योजना पहले से तैयार रखने और यात्रा मार्ग पर निर्बाध दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी संबंधित विभाग 20 जून तक अपने-अपने यात्रा शिविर और सेवा केंद्र स्थापित कर लें। इससे पहले श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मंदीप के. भंडारी ने यात्रा की तैयारियों और विभिन्न विभागों द्वारा किए गए कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।