श्रीनगर। भारतीय सेना ने सोमवार को बांदीपोरा और गांदरबल जिले में गुज्जर और बकरवाल समुदायों के लिए एक विशेष संवाद कार्यक्रम और पारंपरिक सामूहिक भोज का आयोजन किया। इस दौरान समुदायों के लोगों को ऊपरी इलाकों में गुजरते समय एहतियाती प्रोटोकॉल अपनाने को कहा गया।
यह कार्यक्रम सेना की ''''किलो फोर्स'''', 3 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) की देखरेख में आयोजित किया गया। इसमें खानाबदोश गुज्जर और बकरवाल समुदायों के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
इस संवाद के दौरान कंपनी कमांडरों ने प्रतिभागियों को प्रवास प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न प्रक्रियात्मक और सुरक्षा-संबंधी पहलुओं के बारे में जानकारी दी। अलग-अलग ट्रांजिट पॉइंट्स और संवेदनशील इलाकों से सुरक्षित गुजरने के लिए सुरक्षा मंजूरी के लिए जरूरी दस्तावेजों के बारे में विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। सेना के अधिकारियों ने समुदाय के सदस्यों को घने जंगलों और दूरदराज के पहाड़ी इलाकों से गुजरते समय अपनाए जाने वाले महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों, परिचालन दिशा निर्देशों और एहतियाती प्रोटोकॉल के बारे में भी जागरूक किया। प्रवास के दौरान सतर्कता, आपसी तालमेल और किसी भी संदिग्ध या प्रतिबंधित गतिविधि से बचने पर विशेष जोर दिया गया।
इस संवाद ने गुज्जर और बकरवाल समुदाय के सदस्यों को अपने मौसमी प्रवास के दौरान आने वाली चिंताओं और रोजमर्रा की चुनौतियों पर खुलकर चर्चा करने का अवसर भी प्रदान किया। कंपनी कमांडरों ने धैर्यपूर्वक उनकी शिकायतें सुनीं और हर संभव सहायता व समर्थन का आश्वासन दिया।