श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न डॉक्टरों के जारी विरोध प्रदर्शन के बीच राज्य सरकार ने मसले को सुलझाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जम्मू एंड कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को श्रीनगर में मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी से मुलाकात की। इस दौरान सरकार ने स्पष्ट किया कि वह डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने के मुद्दे को हल करने के लिए पूरी तरह तैयार है और एक महीने के भीतर 3 अक्तूबर 2026 तक सभी आवश्यक वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी।
राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल में डॉ. जुबैर रेशी, मीर जुबैर नबी, एहतेशाम खान और डॉ. साकिब खान शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के समक्ष जोर देकर कहा कि वर्तमान में मिल रहा 12,300 प्रति माह का स्टाइपेंड अत्यधिक कार्यभार, बढ़ती महंगाई और पेशेवर जिम्मेदारियों के मुकाबले बेहद कम है। एसोसिएशन ने प्रदर्शन खत्म करने से पहले सरकार से स्पष्ट, लिखित और समयबद्ध आश्वासन देने की मांग की।
वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार ने मीडिया में चल रही उन खबरों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि किसी तीसरे पक्ष को बातचीत के लिए अधिकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और स्किम्स के प्राचार्यों को दो-दो इंटर्न प्रतिनिधियों को आधिकारिक वार्ता के लिए नामित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने आश्वासन दिया कि बैठक की कार्यवाही और दिए गए आश्वासनों को आधिकारिक कार्यवृत्त में दर्ज कर छात्रों के साथ साझा किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने जारी हड़ताल के कारण इंटर्नशिप के दिनों के नुकसान और आगामी स्नातकोत्तर (पीजी) प्रवेश परीक्षाओं पर पड़ने वाले असर पर चिंता जताते हुए डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील की।
जेकेएसए के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने स्पष्ट किया कि स्टाइपेंड में बढ़ोतरी इंटर्न डॉक्टरों की मुख्य और गैर-समझौतावादी मांग है। उन्होंने कहा कि सरकारी आश्वासन और आधिकारिक मिनट्स का अध्ययन करने के बाद ही सभी इंटर्न डॉक्टर मिलकर प्रदर्शन जारी रखने या स्थगित करने पर अंतिम निर्णय लेंगे।