श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वीरवार को एक संतुलित और एकीकृत हेल्थकेयर रणनीति की मांग की। इसमें पूरे जम्मू-कश्मीर में एडवांस्ड क्वाटरनरी केयर के विकास के साथ-साथ प्राइमरी और सेकेंडरी हेल्थकेयर सेवाओं को मजबूत करना शामिल हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को अच्छी हेल्थकेयर देना सरकार की बुनियादी जिम्मेदारियों में से एक है। मेडिकल प्रोफेशन लगातार सीखने, इनोवेशन और तरक्की से जुड़ा है।
शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में क्वाटरनरी हेल्थकेयर और रिसर्च समिट : चौथी जेएंडके मेडिकल कॉन्फ्रेंस-2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि टर्शियरी हेल्थकेयर को चौथे स्तर (क्वाटरनरी) तक बढ़ाने से अत्यधिक स्पेशलाइज़्ड इलाज की क्षमता तो बढ़ेगी, लेकिन इसके साथ ही जमीनी स्तर पर हेल्थकेयर डिलीवरी को मज़बूत करने के लिए भी ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।
25 से 27 अगस्त तक आयोजित तीन दिवसीय समिट का आयोजन शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज सौरा ने भारत सरकार के नीति आयोग की देखरेख में, एम्स नई दिल्ली और पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के साथ-साथ एम्स जम्मू और एम्स अवंतिपोरा के रणनीतिक सहयोग से किया। कॉन्फ्रेंस का विषय टर्शियरी से क्वाटरनरी हेल्थकेयर में विस्तार: एडवांस्ड केयर के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति था।
समिट के दौरान चर्चा किए गए क्वाटरनरी हेल्थकेयर के कॉन्सेप्ट का जिक्र करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि चौथा स्तर टर्शियरी केयर संस्थानों पर दबाव कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि केवल एक उच्च स्तर बनाने से प्रमुख हेल्थकेयर संस्थानों के सामने आने वाले दबावों का ठीक से समाधान नहीं होगा, जब तक कि प्राइमरी और सेकेंडरी हेल्थकेयर सिस्टम में मौजूद कमियों को दूर नहीं किया जाता।
उन्होंने कहा, हालांकि अच्छी देखभाल के कुछ पहलू ऐसे हैं जिन्हें स्किम्स को क्वाटरनरी हेल्थकेयर संस्थान में अपग्रेड करके निश्चित रूप से बेहतर बनाया जा सकता है लेकिन सच्चाई यह है कि इससे स्किम्स पर पड़ने वाला दबाव कम नहीं होगा। ये दबाव ऊपर से नीचे की ओर किसी कमी के कारण नहीं हैं ये बुनियादी स्तर पर कमज़ोरी के कारण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्किम्स जैसे संस्थान असल में रेफरल अस्पताल हैं जो ऐसे मरीज़ों का इलाज करते हैं जिन्हें बहुत ही खास इलाज की जरूरत होती है। हालांकि, प्राइमरी और सेकेंडरी लेवल पर कमियों के कारण, अक्सर बड़े टर्शियरी संस्थानों को ऐसे इलाज और प्रक्रियाएं करनी पड़ती हैं जो असल में हेल्थकेयर के निचले लेवल पर ही उपलब्ध होनी चाहिएं।
उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर सिस्टम के निचले स्तरों में कमियों की वजह से टर्शियरी (उच्च-स्तरीय) संस्थानों पर बोझ बढ़ रहा है। इसके उदाहरण के तौर पर उन्होंने गॉल ब्लैडर और अपेंडिसाइटिस जैसी आम सर्जरी का ज़िक्र किया।
उन्होंने कहा, इससे टर्शियरी, सेकेंडरी और प्राइमरी हेल्थकेयर वाले तीन-स्तरीय मॉडल का मकसद ही खत्म हो जाता है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि टर्शियरी और क्वाटरनरी (अत्यधिक विशिष्ट) संस्थानों के सही ढंग से काम करने के लिए हेल्थकेयर सिस्टम की नींव को मज़बूत करना ज़रूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को जम्मू और श्रीनगर जैसे दो बड़े शहरी केंद्रों के अलावा अच्छी गुणवत्ता वाली बुनियादी हेल्थकेयर सुविधाएं पहुंचाने पर भी उतना ही ध्यान देना होगा।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जम्मू-कश्मीर के मरीज़ों को एडवांस्ड इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े। उन्होंने याद दिलाया कि स्किम्स की स्थापना का मूल मकसद सबसे ज़रूरतमंद मरीज़ों को जम्मू-कश्मीर के भीतर ही सबसे अच्छी हेल्थकेयर सुविधाएं देना था।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर उन मुख्य कारकों में से एक है जो हेल्थकेयर संस्थानों की अत्यधिक कुशल पेशेवरों को बनाए रखने और आकर्षित करने की क्षमता तय करता है। उन्होंने जेएंडके में उपलब्ध ह्यूमन रिसोर्स की क्वालिटी पर भरोसा जताया और कहा कि वहां के डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ़ किसी से कम नहीं हैं। हमारे पास मौजूद लोग (ह्यूमन रिसोर्स) सबसे बेहतरीन हैं। हमारी नर्सें, पैरामेडिक्स और सबसे बढ़कर हमारे डॉक्टर, ऐसे हैं जो आपको कहीं और नहीं मिलेंगे।
दुनिया के हर महाद्वीप, खासकर खाड़ी और मध्य पूर्व में जेएंडके में ट्रेंड डॉक्टरों की मौजूदगी का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण कई प्रोफेशनल्स को जेएंडके के बाहर मौके तलाशने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने ऐसे हालात बनाने के लिए मिलकर कोशिश करने का आह्वान किया जिससे रिवर्स ब्रेन ड्रेन (बाहर गए लोगों की वापसी) हो सके, ताकि जेएंडके के बाहर काम कर रहे डॉक्टर वापस आ सकें और अपने राज्य के हेल्थकेयर सिस्टम में योगदान दे सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने से जेएंडके में टर्शियरी और क्वाटरनरी हेल्थकेयर दोनों मज़बूत होंगे और एक आत्मनिर्भर और एडवांस्ड हेल्थकेयर सिस्टम बनाने में बड़ी मदद मिलेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्लैटिनम पर्ल्स इन जनरल सर्जरी सुपर स्पेशलिटीज़ किताब और स्किम्स जर्नी ऑफ़ ट्रांसफॉर्मेशन स्मारिका जारी की। उन्होंने क्विज़ प्रतियोगिता, पोस्टर प्रेजेंटेशन और ओरल प्रेजेंटेशन कैटेगरी के नौ विजेताओं को पुरस्कार भी दिए।