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सूबे में 500 नए एटीएल लैब होंगे स्थापित : राम निवास शर्मा

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श्रीनगर। डल झील किनारे एसकेआईसीसी में आयोजित बुनियाद से बुलंदी तक कार्यक्रम में पहुंचे कमिश्नर सेक्रेटरी स्कूल एजुकेशन राम निवास शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 500 नए अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित किए जाएंगे। कहा कि जम्मू-कश्मीर के स्कूल और उच्च शिक्षा विभाग ने पिछले दो वर्षों में अभूतपूर्व प्रगति की है। शिक्षा के स्तर को सुधारने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों का नतीजा अब बोर्ड परीक्षाओं के बेहतरीन परिणामों के रूप में सामने आ रहा है।
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कमिश्नर सेक्रेटरी ने कॉन्क्लेव में दोनों संभागों (जम्मू और कश्मीर) के शैक्षणिक परिणामों के आंकड़े पेश किए जो शिक्षा व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलाव को साफ दर्शाते हैं। जम्मू संभाग में कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम 67.5% से बढ़कर 88.85% हो गया है। वहीं, कक्षा 12वीं का परिणाम 70.99% से उछलकर 89.80% तक पहुंच गया है। कश्मीर संभाग में कक्षा 10वीं का परिणाम 79.94% से बढ़कर 86.3% और कक्षा 12वीं का परिणाम 75.9% से बढ़कर 86.08% दर्ज किया गया है। शर्मा ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय विद्यार्थियों और शिक्षकों की कड़ी मेहनत को दिया।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 267 अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) काम कर रहे हैं। अब नीति आयोग देश भर में 50,000 नए एटीएल स्थापित करने जा रहा है, जिसमें जम्मू-कश्मीर की हिस्सेदारी 1 फीसदी यानी 500 नए लैब्स की होगी। इन नए लैब्स के लिए आवेदन आमंत्रित किए जा चुके हैं और अंतिम तिथि 15 जुलाई तय की गई है। आने वाले महीनों में ये लैब्स सरकारी और निजी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में स्थापित कर दिए जाएंगे। कश्मीर विश्वविद्यालय इस पूरी परियोजना के लिए ''''मेंटर'''' (मार्गदर्शक) की भूमिका निभाएगा।
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15,500 से अधिक प्री-प्राइमरी कक्षाएं चालू

शर्मा ने विभाग की अन्य उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि बचपन की देखभाल और शिक्षा के तहत प्रदेश में 15,500 से अधिक प्री-प्राइमरी कक्षाएं सफलतापूर्वक चालू की जा चुकी हैं। इसके अलावा 13,000 से अधिक आंगनबाड़ियों को किंडरगार्टन के रूप में अपग्रेड किया गया है। डिजिटल परिवर्तन के तहत आईसीटी लैब्स, स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर एडेड लर्निंग सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म्स को पढ़ाई का मुख्य हिस्सा बनाया गया है। विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से तकनीकी निगरानी रखी जा रही है।


इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों की नियुक्ति पर जोर

कमिश्नर सेक्रेटरी ने कहा, हमारा मानना है कि शिक्षा सिर्फ इमारतों से नहीं, बल्कि बेहतरीन उस्तादों, नई सोच और बेहतर मौकों से मुकम्मल होती है। पिछले दो वर्षों में 5,000 से अधिक छोटे-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पूरे किए गए हैं। इसके साथ ही, वर्ष 2017 के बाद पहली बार लेक्चरर स्तर पर सीधी भर्तियां की जा रही हैं। भेजे गए 594 प्रस्तावों में से लोक सेवा आयोग ने 344 लेक्चरर्स का चयन कर लिया है, जिन्हें जल्द ही नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे। इससे 27 में से 22 विषयों में शिक्षकों की कमी पूरी हो जाएगी।


कॉलेजों में बढ़ेगा दाखिला, वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने का लक्ष्य

उच्च शिक्षा के बारे में बात करते हुए शर्मा ने बताया कि पिछले साल कॉलेजों में दाखिले में 10 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी। इस साल विभाग का लक्ष्य कॉलेज छात्रों की संख्या 55,000 के पार ले जाने का है। शर्मा ने भरोसा जताया कि निरंतर मिल रहे मार्गदर्शन से जम्मू-कश्मीर के शैक्षणिक संस्थान आने वाले समय में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर ''''सेंटर ऑफ एक्सीलेंस'''' के रूप में स्थापित होंगे।
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