श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने सभी के लिए वित्तीय सशक्तिकरण के अपने वादे को पूरा करते हुए आज जेएंडके बैंक के साथ एक अहम समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत सरकार के साथ काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों, कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों और अन्य कैजुअल वर्करों को कई तरह की बैंकिंग, बीमा और क्रेडिट से जुड़ी सुविधाएं दी जाएंगी।
इस मौके पर मुख्य सचिव अटल डुल्लू मौजूद थे। कार्यक्रम में वित्त विभाग के फाइनेंशियल कमिश्नर (अतिरिक्त मुख्य सचिव) शैलेंद्र कुमार, जेएंडके बैंक के एमडी अमिताव चटर्जी, सीजीएम आशुतोष सरीन और सरकार व बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। बैंक की ओर से जनरल मैनेजर राकेश मगोत्रा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए, जबकि जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से वित्त विभाग के विशेष सचिव राकेश कुमार सरंगल ने हस्ताक्षर किए।
इस एमओयू का मकसद कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों, कैजुअल वर्करों और दिहाड़ी मजदूरों को बैंकिंग सुविधाओं और वित्तीय सुरक्षा के एक व्यवस्थित ढांचे में लाना है। इससे जम्मू-कश्मीर सरकार के पसंदीदा बैंकिंग पार्टनर के तौर परजेएंडके बैंक की स्थिति और मजबूत होगी। साथ ही, समावेशी विकास, कर्मचारियों के कल्याण और वित्तीय सशक्तिकरण के प्रति दोनों संस्थाओं की साझा प्रतिबद्धता भी और मजबूत होगी।
इस मौके पर मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने इस पहल को सफल बनाने के लिए वित्त विभाग और जेएंडके बैंक के मिलकर किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने भरोसा जताया कि इस व्यवस्था से पूरे जम्मू-कश्मीर में हजारों कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों, कैजुअल वर्करों और दिहाड़ी मजदूरों की वित्तीय स्थिति और सामाजिक सुरक्षा में काफी सुधार होगा।