श्रीनगर। भ्रष्टाचार के आरोप तय करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की याचिका को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। यह याचिका केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के पूर्व कार्यकारी अभियंता राम गोपाल ने दायर की थी। कोर्ट ने कहा, आरोपों में यदि कानून की किसी धारा का जिक्र नहीं किया गया है, जबकि आरोपों के पीछे पुख्ता आधार है तो आरोप तय करने की प्रक्रिया रोकी नहीं जा सकती। लिहाजा याचिका खारिज की जाती है।
अभियोजन के अनुसार सीपीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता राम गोपाल का 16 जुलाई 2012 से 6 दिसंबर 2013 तक का कार्यकाल जांच के दायरे में है। राम गोपाल ने केंद्रीय विश्वविद्यालय की चहारदीवारी के लिए शेख मोहम्मद याकूब के नाम ठेका जारी किया, लेकिन उस पर दस्तखत शेख मोहम्मद याकूब की जगह शेख नईम अहमद ने किए। शेख नईम अहमद ने चहारदीवारी बनाने का कुछ काम भी किया जो घटिया पाया गया।