श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में 7 दिसंबर को मनाए जाने वाले सशस्त्र सेना झंडा दिवस के संबंध में जिला स्तरीय सशस्त्र बल समिति की बैठक अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त (एडीडीसी) श्रीनगर जहूर अहमद मीर की अध्यक्षता में हुई। एडीडीसी ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को समन्वित तरीके से काम करने के लिए कहा। एडीडीसी ने कहा कि पूर्व सैनिकों के लिए विभिन्न माध्यमों से योगदान बढ़ाना समय की मांग है। उन्होंने जिला सैनिक अधिकारी को आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन श्रीनगर से पूर्व सैन्य कर्मियों के कल्याण के लिए एसडीआरएफ के तहत सहायता प्रदान की जाएगी। एडीडीसी ने संबंधितों को सशस्त्र सेना झंडा दिवस की पूर्व संध्या पर शहीदों के परिवारों में कंबल और व्हीलचेयर प्रदान करने के लिए कहा।
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नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ गांवों में चलाएं आक्रामक अभियान
बारामुला। जिला उपायुक्त डॉ. सैयद सेहरिश असगर ने जिले भर में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ ग्रामीण स्तर पर आक्रामक अभियान शुरू करने का आह्वान किया। डॉ. सेहरिश ने यह बात जिले में नशामुक्त भारत अभियान के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त बारामुला को एक वास्तविकता बनाने के लिए संयुक्त, अथक प्रयासों और प्रतिबद्धता की आवश्यकता है।
इस मौके पर उपायुक्त ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नशे के शुरुआती लक्षणों की पहचान पर एक प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें। जहां सभी आशा कार्यकर्ताओं को माता-पिता और अन्य को जागरूक करने के लिए अपने गांव में घर-घर जाकर अभियान चलाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी बारामुला को प्रभावी परिणामों के लिए आक्रामक अभियान चलाने को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जमीनी स्तर पर नशीली दवाओं के दुरुपयोग नियंत्रण पर जोर देते हुए उपायुक्त ने शिक्षा विभाग से संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी स्कूलों में जागरूकता शिविर आयोजित करें और प्रासंगिक जानकारी का प्रसार करने के लिए नियमित शिक्षक-अभिभावक बैठकें आयोजित करें। उपायुक्त ने संबंधितों को ईंट भट्ठों सहित सभी कमजोर समूहों पर कड़ी निगरानी रखने और नशीले पदार्थों के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित करने को भी कहा।