श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने दो बंदियों पर से पीएसए (जन सुरक्षा अधिनियम) हटाने के आदेश जारी किए हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा, आरोपियों पर पीएसए की कार्रवाई की गई, लेकिन उन्हें किस आधार पर जेल भेजा गया, इससे जुड़ा रिकॉर्ड आरोपियों को उपलब्ध नहीं करवाया गया।
न्यायाधीश एमए चौधरी ने कहा, पीएसए लगाने पर आरोपी को इस केस से जुड़ी सारी लिखित जानकारी उस भाषा में उपलब्ध कराना अनिवार्य है, जिसे वह समझ सकता है। दोनों आरोपियों के मामले में पुलिस की ओर से केस का डॉकेट नहीं दिया गया। मोहम्मद रफीक राथर उर्फ सेठा निवासी अबी गुरपोरा रैनावाड़ी श्रीनगर पर पीएसए लगाने का आदेश 29 जनवरी 2022 को जारी किया गया था। इसी तरह से रमीज राजा शेख निवासी शरशाली ख्रीयू पांपोर पुलवामा पर 18 अक्तूबर 2021 को पीएसए लगाया गया था। दोनों ही मामलों में प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, लिहाजा पीएसए आदेश रद्द किया जाता है।