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जम्मू-कश्मीर में सीमाओं पर सौ फीसदी घुसपैठ नहीं रोक सकते

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कुपवाड़ा। जम्मू-कश्मीर की सीमाओं पर शत-प्रतिशत आतंकी घुसपैठ को कभी नहीं रोका जा सकता। यह बात सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने रविवार को केरन सेक्टर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
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लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी ने कहा कि सीमा पार से घुसपैठ को रोकने, आतंकियों को खत्म करने के साथ जम्मू-कश्मीर की शांति और समृद्धि के लिए सुरक्षा ग्रिड को मजबूत किया गया है। शत-प्रतिशत आतंकियों की घुसपैठ कभी भी सीमाओं पर नहीं रुक सकती, लेकिन अब घुसपैठ करने में आतंकवादी कहीं भी सफल हो जाते हैं तो उन्हें खोज कर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे के चलते मार गिराया जा रहा है। ंजीओसी इन सी ने कहा कि संघर्ष विराम से सीमावर्ती इलाकों में कानून-व्यवस्था का माहौल बना हुआ है जबकि आम लोगों को इससे काफी राहत मिली है। हमारा प्रयास रहा है कि संघर्ष विराम समझौता हमेशा कायम रहे। उन्होंने पड़ोसी देश पर निशाना साधते हुए कहा कि कभी-कभी वे कुछ गलत काम करते हैं जो उन्हें संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन करने पर मजबूर कर देते हैं। पाकिस्तान को अब अहसास हो गया है कि संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन करने से उन्हें बिल्कुल भी फायदा नहीं होगा, इसलिए वे इसका पालन कर रहे हैं।
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केरन को पर्यटन के नक्शे पर लाएंगे
सीमा पर्यटन के बारे में ले. जनरल द्विवेदी ने कहा कि सेना ने हमेशा सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षा प्रदान की है। अब हमें इन क्षेत्रों को और समृद्धि प्रदान करनी है। यह इलाका प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर हैं और इनमें पर्यटन की बहुत संभावनाएं हैं। हम केरन जैसे क्षेत्रों को पर्यटन मानचित्र पर लाएंगे ताकि लोग यहां दूर-दूर से आएंगे।
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कुपवाड़ा की ध्वज महिला जमीला
बेगम को कमांडर ने किया सम्मानित
कुपवाड़ा। उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कुपवाड़ा की ध्वज महिला जमीला बेगम को उत्तरी सेना कमांडर प्रशस्ति कार्ड से सम्मानित किया।
जमीला बेगम ने राष्ट्रीय ध्वज की सिलाई करने की पहल जून 2021 में बाबागुंड से की थी। इस प्रयास को सेना और जन शिक्षण संस्थान द्वारा प्रोत्साहित किया गया। कोराना के कारण महिलाओं के पास कोई काम नहीं था, अत: सेना ने राष्ट्रीय ध्वज सिलने का ऑर्डर दिया। इसके बाद इन्हें कश्मीर के विभिन्न हिस्सों से ऑर्डर मिलने लगे। यह पहला मौका है जब कश्मीर में राष्ट्रीय ध्वज सिले जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2021 में अपने मन की बात कार्यक्रम में इसकी प्रशंसा भी की थी। 2022 में हर घर तिरंगा अभियान के लिए देश भर में तिरंगे झंडे बनाए जा रहे हैं, लेकिन इन महिलाओं द्वारा बनाए गए झंडे सबसे अलग हैं। इस साल उन्होंने भारतीय सेना के लिए 600 राष्ट्रीय ध्वज बनाए। कशीदाकारी से राष्ट्रीय ध्वज पर बने अशोक चक्र को हाथ से उकेरा। ये झंडे नियंत्रण रेखा और भारत के विभिन्न हिस्सों में फहराए जाएंगे। इस अवसर पर गांव कुनन-पोशपुरा की महिलाओं ने उत्तरी कमान प्रमुख व चिनार कोर कमांडर को राष्ट्रीय ध्वज भेंट किया। कमांडर ने महिलाओं के जज्बे की सराहना की।
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