श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा के समापन पर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि निगरानी के लिए यात्रा मार्गों पर लगाए गए कैमरों ने कई मुद्दों को हल किया और यात्रा की मिनट-दर-मिनट निगरानी में मदद की। पोनी, पिट्ठू और पालकियों को किराए पर लेने के लिए पेश की गई प्रीपेड प्रणाली ने भी यात्रियों से अधिक शुल्क वसूली को रोका। यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए तैनात किए गए शिविर अधिकारियों की संख्या का तीन गुना बढ़ाई गई। सभी संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ श्रीनगर में त्वरित निगरानी और तत्काल प्रतिक्रिया के लिए एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र (आईआईआईसी) स्थापित किया गया।
उपराज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष श्रद्धालुओं ने 2 सेक्टरों के बजाय 4 सेक्टरों से हेलिकॅाप्टर सेवा का लाभ उठाया। श्रीनगर से नीलग्राथ और श्रीनगर से पहलगाम तक दो नए हेली सेक्टर यात्रियों के लिए खोले गए। बालटाल और दोमेल के बीच यात्रियों को निशुल्क बैटरी कार सेवाएं प्रत्येक शिविर और यात्रा मार्गों पर आरओ वाटर प्यूरीफ ायर की संख्या में 200 प्रतिशत की वृद्धि, बालटाल में भूमिगत केबल बिछाने से 24 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की गई। बैकअप जेनसेट ने यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने में मदद की।
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अमरनाथ यात्रा से पर्यटन पर असर नहीं
यह पूछे जाने पर कि क्या अमरनाथ यात्रा के कारण पर्यटक प्रवाह में कमी आई है तो एलजी ने कहा कि यात्रा ने कश्मीर में पर्यटन को प्रभावित नहीं किया। अगर हम तीर्थयात्रा के दौरान पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों की तुलना करें तो इस साल तीर्थयात्रा के दौरान पर्यटकों के आंकड़े बहुत अधिक थे। पर्यटन को तीर्थयात्रा से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। भविष्य में भारत भर के लोगों से हमें मिली प्रतिक्रिया की प्रकृति को देखते हुए बहुत बेहतर यात्रा होगी। ज्ञात हो कि यात्रा 30 जून से शुरू हुई थी।
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शौचालयों की संख्या में 240 फीसदी की बढ़ोतरी
उन्होंने कहा कि शौचालयों की संख्या में 240 प्रतिशत की वृद्धि और अभूतपूर्व स्वच्छता व्यवस्था ने कूड़े मुक्त और खुले में शौच मुक्त यात्रा सुनिश्चित की। इसके अलावा अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या में 190 प्रतिशत की वृद्धि, प्रत्येक आधार शिविर में विकसित 100 बिस्तरों की अतिरिक्त चिकित्सा सुविधा और प्रत्येक धुरी पर अतिरिक्त रूप से स्थापित 50 बिस्तर, ऑक्सीजन बूथों की संख्या में 85 प्रतिशत की वृद्धि, बालटाल में दो डीआरडीओ अस्पतालों के अलावा एक-एक अस्पताल और चंदनबाड़ी में यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों और अन्य हितधारकों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा किया और कई कीमती लोगों की जान बचाई।
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आईआईटी छात्रों ने दी तकनीकी सहायता
उपराज्यपाल ने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी जम्मू) के छात्रों ने यात्रा में अपनी तकनीकी सहायता सेवा प्रदान की। यात्रा के प्रत्येक रूट के लिए एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया। यात्रियों की सुविधा के लिए देश भर में एसबीआई, पीएनबी, जेएंडके बैंक और यस बैंक की 566 बैंक शाखाओं द्वारा ऑनलाइन और ऑफ लाइन दोनों तरीकों से यात्रा पंजीकरण 11 अप्रैल को शुरू किया गया था।