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घाटी के लोगों का दिल जीते बिना आतंकवाद का कारवां नहीं होगा खत्म : फारूक

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श्रीनगर। नेशनल कांफ्रें स के अध्यक्ष डॉ. फ ारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर में आतंकवाद तब तक खत्म नहीं होगा जब तक कि सरकार घाटी में लोगों का दिल नहीं जीत लेती और पाकिस्तान से बात करके समाधान नहीं ढूंढती। आतंकी हमले में एक पुलिस अधिकारी की हत्या की निंदा करते हुए कहा कि जब तक कश्मीर मुद्दे का हल नहीं तलाशा जाता तब तक लोग मरते रहेंगे।
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पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा के मंत्री और अन्य नेता बयान जारी करते हैं कि आतंकवाद समाप्त हो गया है, लेकिन मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि यह तब तक खत्म नहीं होगा जब तक आप कश्मीर के लोगों का दिल जीतने की कोशिश नहीं करते। पड़ोसी देश से बात करके इसका समाधान नहीं ढूंढते। कहा कि श्रीनगर में हमले में शहीद एएसआई मुश्ताक अहमद का बेटा 2020 में सेना द्वारा मुठभेड़ में मारा गया था। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुश्ताक आतंकवादियों द्वारा मारे गए। हम नहीं जानते कि हत्यारा कौन है और यहां के लोगों का उद्धारकर्ता कौन है। यह अजीब है। हम सभी इसकी निंदा करते हैं और उनके लिए प्रार्थना करते हैं। हम परिवार के लिए भी प्रार्थना करते हैं। उन्होंने मारे गए पुलिसकर्मी के परिवार के लिए प्रशासन से उचित मुआवजा की मांग की जिससे उसका परिवार सम्मान के साथ जी सके।
श्रीलंका जैसी स्थिति भारत में भी हो सकती है...इस सवा के जवाब में कहा कि कुछ भी हो सकता है। ईश्वर हमें बचाए। हम प्रार्थना करते हैं कि हमें ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े। हम श्रीलंका के लोगों के लिए भी प्रार्थना करते हैं कि भगवान उन्हें इस कठिन समय से बाहर निकाले। भगवान इस सरकार को स्थिति को समझने दे ताकि वे यहां इससे बचने के लिए कदम उठाएं।
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विविधता को तोड़ने की कोशिश करेंगे तो देश संकट में पड़ जाएगा
परिवार नियोजन पर एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार चाहे किसी खास समुदाय को निशाना बना रही हो या किसी और को उसे यह समझना चाहिए कि भारत विविधताओं वाला देश है। तमिलनाडु और कश्मीर के बीच कुछ भी समान नहीं है। न भोजन, न संस्कृति, न भाषा, न मौसम, लेकिन जो हमें एक साथ रखता है। वह यह कि हमें एक साथ प्रगति करनी है और गरीबी, बीमारियों और विषमताओं को दूर करना है। सबसे अहम उद्देश्य भारत की एकता है। हमें विविधता को मजबूत बनाना है तभी एकता होगी। अगर हम इस विविधता को तोड़ने की कोशिश करेंगे तो यह देश संकट में पड़ जाएगा और इसे वहां से निकालना बहुत मुश्किल होगा।
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