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राहुल भट की हत्या के विरोध में जम्मू-कश्मीर में तीसरे दिन भी प्रदर्शन

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श्रीनगर। कश्मीरी पंडित राहुल भट की हत्या के विरोध में प्रदेश भर में तीसरे दिन भी प्रदर्शन हुए। घाटी में श्रीनगर समेत बडगाम जिले के शेखपोरा और बारामुला जिले की वीरवन पंडित कॉलोनी में धरने पर बैठे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने कहा, पीएम पैकेज के बांड को रद्द करें और हमें सुरक्षित जगहों पर स्थानांतरित किया जाए।
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श्रीनगर की प्रेस एन्क्लेव में पीएम पैकेज के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और उपराज्यपाल और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी विकास ने कहा, कुछ महीनों से बेगुनाहों की लक्षित हत्याएं हो रही हैं। अगर सरकार दावा करती है कि हालात ठीक है तो घाटी में लक्षित हत्याओं का ग्राफ क्यों बढ़ रहा है। विकास ने कहा कि जब तक यहां हालात पूरी तरह नहीं सुधरते तब तक हमारी कुछ मांगें हैं उन्हें सरकार पूरा करे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से नियुक्ति के समय कठोर असांविधानिक बांड लिखाया था कि आपके साथ कुछ भी होता है तो कश्मीर नहीं छोड़ेंगे, उसे रद्द किया जाए। जहां कहीं भी अल्पसंख्यक कर्मचारी असुरक्षित महसूस करता है तो उसे अपनी मर्जी की पोस्टिंग दी जाए और जितने भी यहां पर ट्रांजिट कैंप हैं, जिन्हें डिटेंशन सेंटर बनाया गया है, उन्हें जल्द खोला जाए, ताकि वे लोग एक सामान्य जिन्दगी जी सकें। हमारे साथ बंधुआ मजदूर जैसा व्यवहार किया जाता है।
एक अन्य प्रदर्शनकारी अविनाश ने कहा, सरकार ने कहा था कि रिहायश देंगे, लेकिन आज हालात यह है कि ट्रांजिट कैंपों में एक-एक कमरे में तीन-तीन लोग रह रहे हैं। हम आज भी किराये के घरों में 10-10 हजार दें रहे हैं जबकि हमें एचआरए केवल 2400 मिलता है। अविनाश ने कहा कि हमारा सबसे बड़ा मुद्दा है कि जब तक यहां हालात ठीक नहीं होते तब तक हमें यहां से जम्मू स्थानांतरित किया जाए।
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इस बीच वेसु ट्रांजिट कैंप में रहने वाले कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने बडगाम के शेखपोरा ट्रांजिट कैंप और बारामुला की वीरवन पंडित कॉलोनी तक मार्च निकालने की चेतावनी दी है। उन्होंने रविवार तक प्रतिबंध हटाने की मांग की है। ऑल पीएम पैकेज इंप्लाइज फोरम ने संभागीय आयुक्त पीके पोल को लिखे पत्र में कहा, वेसु ट्रांजिट कैंप के कर्मचारियों ने रविवार सुबह शेखपोरा और वीरवन कॉलोनी तक मार्च निकालने का फैसला किया है।
वहीं, बारामुला में समुदाय के सदस्यों और पुलिस में झड़प हुई। जानकारी के अनुसार समुदाय के सदस्य वीरवन कॉलोनी के बाहर मार्च निकालना चाहते थे लेकिन पुलिस ने उन्हें अनुमति नहीं दी, जिसके परिणामस्वरूप झड़प हुई। हालांकि किसी के चोटिल होने की खबर नहीं है।
प्रधान सचिव को करना पड़ा गुस्से का सामना
शेखपोरा ट्रांजिट कैंप में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा, एलजी उनसे मिलने आएं
बडगाम। उपराजयपाल मनोज सिन्हा के प्रधान सचिव नीतीश्वर कुमार को शुक्रवार देर रात धरने पर बैठे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार जब मांगों को लेकर कोई सहमति बनती नहीं दिखी तो धरने में बैठे कर्मचारियों ने उन्हें वहां से जाने को कहा। इस दौरान वहां बैठे कर्मचारियों ने हल्ला मचाया। नीतीश्वर कुमार ने कर्मचारियों से कहा कि शुक्रवार दोपहर को भी उन्हें एलजी से मिलने का समय दिया गया था लेकिन वो नहीं आए और अब वो उनसे यह कहने आए हैं कि वह एक प्रतिनिधिमंडल तैयार करें और एलजी से मिलने आए। हालांकि कर्मचारी इस बात पर अड़े रहे कि एलजी उनसे मिलने के लिए वहां आएं। एक कर्मचारी ने कहा कि हमें डीआईजी सीकेआर सुजीत कुमार द्वारा इस आश्वासन पर धरने से हटा दिया गया था कि उपराज्यपाल हमसे मिलने आएंगे, लेकिन एलजी नहीं आए। उन्होंने कहा कि रात करीब 11 बजे प्रधान सचिव नीतीश्वर कुमार को भेजा, लेकिन उनके पास हमारे मुद्दों का कोई समाधान नहीं था। वहीं एक अन्य कर्मचारी विकास ने कहा कि सरकार ने हमारी किसी भी मांग पर गौर नहीं किया है। कहा कि यह विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेंगे जब तक हमारी मांग पूरी नहीं की जाती। वहीं सामने आए एक वीडियो में देखने को मिला कि शेखपोरा ट्रांजिट कैंप के बाहर पुलिस का बंकर वाहन खड़ा है और गेट को ताला लगाया गया है। स्कूली बच्चे एक गाड़ी में स्कूल की वर्दी पहने इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बाहर जाने की अनुमति नहीं है।
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