बडगाम। मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में शनिवार को आतंकी हमले में शहीद हुए स्पेशल पुलिस अफसर (एसपीओ) के घायल भाई उमर ने भी रविवार की सुबह दम तोड़ दिया। रविवार को दोनों का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव चडाबुग में पहुंचाया गया, जहां उनको सुपुर्द-ए खाक किया गया। जनाजे में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर अंतिम विदाई दी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
शनिवार रात को आतंकियों ने घर में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं, जिसमें एसपीओ इश्फाक अहमद (24) और भाई उमर जान (23) गंभीर रूप से घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल इश्फाक ने शनिवार को ही दम तोड़ दिया था। जेवीसी बेमिना अस्पताल में भर्ती कराए गए उसके भाई ने भी रविवार सुबह पांच बजे अंतिम सांस ली। इस घटना से पूरे इलाके में मातम छा गया है।
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ताबूतों पर बरसाए फूल और टॉफियां
एसपीओ और उनके भाई के जनाजे में भारी जन सैलाब उमड़ा। इस दौरान लोगों की आंखें नम और जुबां पर आतंक के खिलाफ गुस्सा था। लोग कह रहे थे कि दोनों भाई हंसमुख स्वभाव के थे और सभी लोग उनसे प्यार करते थे। आखिर आतंकियों ने उन्हें क्यों मारा। आखिर उन्होंने उनका क्या बिगाड़ा था। लोगों का कहना था कि आतंकी बौखलाए हुए हैं। जन्नत को जहन्नुम बनाने की साजिशें रची जा रही हैं। अंतिम यात्रा के दौरान दोनों के ताबूतों पर फूल और टॉफियां बरसाई गईं।
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घाटी में रेल सेवा रही ठप
घाटी में रविवार को बनिहाल-बारामुला रेल सेवा एहतियातन बंद रखी गई। आतंकी हमले में मारे गए दोनों भाइयों के घर लेर पटरी के नजदीक होने के कारण जनाजे में शामिल होने आए लोग रेल पटरियों पर बैठे हुए थे। सुरक्षा व्यवस्था के चलते घाटी में यह कदम उठाया गया।
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पुलिस लाइन में दी श्रद्धांजलि
आतंकी हमले में मारे गए पुलिस कर्मी इशफाक अहमद को रविवार को बडगाम जिला पुलिस लाइन में श्रद्धांजि दी गई। बडगाम उपायुक्त शाहबाज मिर्जा, एसएसपी ताहिर सलीम के नेतृत्व में सिविल और पुलिस अधिकारियों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की।