जीपीसी के जनरल सेक्रेटरी नवतेज सिंह ने कहा कि गुरुवार को दो शिक्षकों की हत्या से कश्मीर में रहने वाले अल्पसंख्यकों के दिलों में एक ठेस पहुंची है। समुदाय के लोगों में काफी खौफ है और सरकार के खिलाफ भी रोष है कि वह अल्पसंख्यकों की हिफाजत करने में विफल रही है।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (जीपीसी) श्रीनगर ने शनिवार को कहा कि जब तक सरकार सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करेगी तब तक हम लोग नौकरी पर नहीं जाएंगे। जीपीसी के जनरल सेक्रेटरी नवतेज सिंह ने कहा कि गुरुवार को दो शिक्षकों की हत्या से कश्मीर में रहने वाले अल्पसंख्यकों के दिलों में ठेस पहुंची है। समुदाय के लोगों में काफी खौफ है और सरकार के खिलाफ भी रोष है कि वह अल्पसंख्यकों की हिफाजत करने में विफल रही है।
कश्मीरी सिखों को भी पंडितों जैसी छूट मिले
नवतेज सिंह ने ने कहा कि कश्मीर में अल्पसंख्यक कश्मीरी पंडित भी हैं और ईसाई, सिख भी हैं। इसलिए सरकार अगर इस हत्या के बाद कोई छूट कश्मीरी पंडितों को देती है वो छूट कश्मीरी सिखों के लिए भी होना चाहिए। वहीं, पीडीपी के माइनॉरिटी स्टेट सेक्रेटरी जोगिन्दर सिंह शान ने कहा कि यह गलतफहमी दिमाग से निकाल दें कि सिखों को निशाना बनाने से हम भाग जाएंगे। उन्होंने कहा कि एक-एक सिख मिट जाएगा, लेकिन कभी कश्मीर नहीं छोड़ेगा।
शान ने यह भी कहा कि यह कहा जा रहा है कि तिरंगा फहराने के लिए सुपिंदर को निशाना बनाया गया, लेकिन वो उस दिन स्कूल नहीं गई थीं। परिवार में किसी की मृत्यु हुई थी और वो छुट्टी पर थीं। उन्होंने कहा हम आह भी करते हैं, तो हो जाते हैं बदनाम, वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती। इस दौरान जीपीसी के प्रधान बुड्ढा सिंह भी मौजूद रहे।