श्रीनगर। पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यममंत्री महबूबा मुफ्ती तथा उनकी मां गुलशन नजीर का पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है। महबूबा ने जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट में पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए याचिका दाखिल की थी, लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई।
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय द्वारा महबूबा की मां नजीर को भेजे गए एक पत्र में उन्हें सूचित किया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के सीआईडी विभाग ने आवेदक को देश की संप्रभुता और अखंडता के लिए खतरा बताते हुए यह आवेदन रद्द किया है। पासपोर्ट अधिकारी ने नज़ीर को जारी पत्र में कहा पासपोर्ट जारी करने के लिए आपके आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया है। पासपोर्ट अधिकारी ने महबूबा को लिखे पत्र में कहा है कि वह विदेश मंत्रालय (एमईए) द्वारा उपलब्ध कराए गए उच्च मंच पर फैसले के खिलाफ अपील कर सकती हैं। मालूम हो कि सोमवार को महबूबा की याचिका को खारिज करते हुए हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अली मोहम्मद मगरे ने पुलिस सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर खारिज कर दिया था।
महबूबा का ट्वीट...मुझे खिलाफ बोलने की सजा दी जा रही
इस फैसले के बाद महबूबा ने ट्वीट कर कहा कि पासपोर्ट कार्यालय ने पुलिस की सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर मेरे पासपोर्ट को भारत की सुरक्षा के लिए हानिकारक बताते हुए जारी करने से इनकार कर दिया। यह अगस्त 2019 से कश्मीर में सामान्य स्थिति का स्तर है कि पासपोर्ट रखने वाली पूर्व मुख्यमंत्री एक शक्तिशाली राष्ट्र की संप्रभुता के लिए के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि सीआईडी का दावा है कि मेरी वयोवृद्ध मां भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं इसलिए पासपोर्ट हासिल करने के लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उन्हें परेशान करने के लिए बेतुके तरीके अपना रही है, मुझे उनके खिलाफ बोलने की सजा दी जा रही है।