श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के भूविज्ञान और खनन निदेशालय ने गांदरबल के खनिज अधिकारी को अटैच कर दिया है। यह कार्रवाई उनके आचरण और कथित तौर पर काम न करने के मामले में चल रही जांच के दौरान की गई है। बताया जा रहा है कि 10 मई को गांदरबल जिले में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के दौरे के दौरान अधिकारी कथित तौर पर गैर-हाजिर रहे थे।
भूविज्ञान और खनन निदेशालय द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार गांदरबल के जिला खनिज अधिकारी के तौर पर कार्यरत रसायनज्ञ (केमिस्ट) मुर्तजा बशीर भट, जिले में चल रहे विकास कार्यों के निरीक्षण के दौरान आए हुए गण्यमान्य व्यक्तियों के साथ मौजूद नहीं रहे।
आदेश में कहा गया है कि अधिकारी को काफी पहले ही सूचित कर दिया गया था और उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे निरीक्षण के सभी स्थानों पर जम्मू और कश्मीर के भूविज्ञान और खनन निदेशक के साथ मौजूद रहें। हालांकि उन्हें फोन पर दोबारा निर्देश दिए जाने के बावजूद कि वे ऐसा करने में विफल रहे।
विभाग ने आगे कहा कि आम जनता और विभिन्न सरकारी कार्यान्वयन एजेंसियों के सदस्यों से अधिकारी के कथित तौर पर खराब प्रदर्शन के संबंध में कई शिकायतें मिली थीं। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि गांदरबल जिले में “व्यापक अवैध खनन” के संबंध में भी शिकायतें मिली थीं। इसके बाद विभाग ने आगे की कार्रवाई शुरू की। उनके आचरण और काम न करने के मामले में चल रही जांच के दौरान मुर्तज़ा बशीर भट को सीएमटी प्रयोगशाला बडगाम से अटैच कर दिया गया है और उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना अपना कार्यस्थल न छोड़ें।
निदेशालय ने साथ ही यह भी आदेश दिया कि बांदीपोरा के जिला खनिज अधिकारी गुलाम नबी पिटू अगले आदेश तक गांदरबल के जिला खनिज कार्यालय के रोजमर्रा के कामकाज की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालेंगे। यह कार्रवाई जम्मू और कश्मीर के कई जिलों में अवैध खनन गतिविधियों पर बढ़ती निगरानी के बीच की गई है।