सार
एनआईए ने कोकरनाग मुठभेड़ में लश्कर कमांडर उजैर खान के मददगार मोहम्मद डार की 19 मरला जमीन कुर्क की, जो आतंकी को रसद, आश्रय और खुफिया जानकारी प्रदान करता था।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कोकरनाग मुठभेड़ में मारे गए लश्कर कमांडर उजैर खान के मददगार मोहम्मद अकबर डार की अनंतनाग स्थित 19 मरला जमीन शुक्रवार को कुर्क कर ली। डार, उजैर को रसद, आश्रय, भोजन और खुफिया जानकारी मुहैया कराता था।
यह मामला सितंबर 2023 को हुई मुठभेड़ से जुड़ा है। इस मुठभेड़ में कर्नल, मेजर व डीएसपी बलिदान हुए थे। बाद में सेना का एक जवान और बलिदान हुए थे।एनआईए प्रवक्ता ने बताया कि मोहम्मद अकबर डार को 20 सितंबर 2023 को गिरफ्तार किया गया था। उसके आवास से एके-47 राइफल, 40 कारतूस, गोला-बारूद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी। उसे मार्च 2024 में एनआईए की विशेष अदालत जम्मू के समक्ष पेश कर आरोपपत्र दायर किया गया था। यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत की गई है।
बताया जाता है कि 13 सितंबर 2023 को अनंतनाग जिले के कोकरनाग के ऊंचे इलाकों में तलाशी अभियान को दौरान आतंकियों के साथ मुठभेड़ में सेना के कर्नल मनप्रीत सिंह, बटालियन कमांडिंग अफसर मेजर आशीष और जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं भट बलिदान हो गए थे। कर्नल मोहाली, मेजर पानीपत और डीएसपी त्राल के रहने वाले थे। गडूल के जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना के बद सेना,सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान चलाया था।
सात दिन चली थी मुठभेड़
सात दिन चली इस मुठभेड़ में कर्नल, मेजर, डीएसपी व सेना के एक जवान बलिदान हुए थे। जबकि दस लाख के इनामी लश्कर कमांडर उजैर खान समेत दो आतंकी मारे गए थे। दूसरे दहशतगर्द की शिनाख्त नहीं हो सकी थी।