श्रीनगर। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने बुधवार को गृह विभाग की एक बैठक की अध्यक्षता कर केंद्र शासित प्रदेश में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की। बैठक में डिजिटल अरेस्ट घोटाले, फिशिंग, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, साइबर गुलामी, पहचान की चोरी और अन्य साइबर अपराधों से नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि हाल में स्थापित जम्मू-कश्मीर साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (जेके4सी) को नोडल एजेंसी के रूप में विकसित किया जाएगा। यह रोकथाम, खुफिया साझा करने, जांच, क्षमता निर्माण और अंतर-एजेंसी समन्वय के लिए तकनीक आधारित मजबूत प्लेटफॉर्म बनेगा।
बैठक में प्रिंसिपल सेक्रेटरी गृह, कमिश्नर सेक्रेटरी आईटी, जीएडी, कानून,एनआईसी के वैज्ञानिक और जन शिकायत विभाग के अधिकारी मौजूद थे। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार ने साइबर अपराध से निपटने के लिए व्यापक संस्थागत ढांचा तैयार किया है। इसकी सफलता प्रभावी क्रियान्वयन और साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों को समय पर राहत देने में है।
उन्होंने प्रिंसिपल सेक्रेटरी गृह को निर्देश दिए कि वे साइबर अपराध रोकथाम और प्रतिक्रिया ढांचे की नियमित और व्यापक समीक्षा करें ताकि संबंधित विभाग और एजेंसियां करीबी समन्वय से काम करें। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया ताकि रोकथाम मजबूत हो।