श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई सरकारी सीड फंडिंग योजना के तहत चयनित स्टार्टअप संस्थापकों ने अगली किस्तों के भुगतान में हो रही देरी पर गंभीर चिंता जताई है। लाभार्थियों का कहना है कि इस कारण उनके व्यावसायिक नियोजन, उत्पाद विकास और दैनिक संचालन पर बेहद प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
जम्मू-कश्मीर उद्यमिता विकास संस्थान के स्टार्टअप सीड फंड के लाभार्थी बताने वाले एक समूह ने आरोप लगाया कि जिन स्टार्टअप्स को जनवरी और मार्च 2026 में पहली किस्त मिली थी। उन्हें अगली तिमाही बीत जाने के बावजूद शेष भुगतान नहीं किया गया है। उद्यमियों का कहना है कि उन्हें निरीक्षण या लंबित धनराशि जारी करने के संबंध में कोई स्पष्ट समय-सीमा नहीं दी गई है। उल्लेखनीय है कि पात्र स्टार्टअप्स को चार समान किस्तों में अधिकतम 20 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दिए जाने का प्रावधान है। जेकेईडीआई के 29 दिसंबर 2025 के आदेश के तहत 2024–27 की नीति के अंतर्गत 18 स्टार्टअप्स के लिए सीड फंडिंग को मंजूरी दी गई थी। इस आदेश में स्पष्ट था कि प्रत्येक चयनित स्टार्टअप को पहली किस्त के रूप में 5 लाख मिलेंगे, जबकि अगली किस्तें निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति, उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने और परिचालन दिशानिर्देशों के अनुपालन पर निर्भर करेंगी। संवाद