श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने क्राइम ब्रांच की ओर से दर्ज रिपोर्ट को रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। यह याचिका भूमि धोखाधड़ी, जालसाजी और गलत साइट प्लान के आधार पर श्रीनगर नगर निगम से बिल्डिंग परमिशन प्राप्त करने के प्रयास से संबंधित है। जस्टिस संजय धर की बेंच ने मुश्ताक अहमद मलिक की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए माना कि जांच के दौरान एकत्र की गई सामग्री प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराधों को उजागर करती है, इसलिए कोर्ट भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 528 के तहत कार्यवाही को रद्द करने के अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग नहीं कर सकता।
क्राइम ब्रांच श्रीनगर में दर्ज एफआईआर के अनुसार मलिक ने तत्कालीन पटवारी नर्सिंग गढ़ फैयाज अहमद कालू के साथ मिलकर शिकायतकर्ता की खसरा नंबर 624 के तहत आने वाली जमीन को बिल्डिंग परमिशन हासिल करने के उद्देश्य से अपनी बताई थी। जांच के अनुसार मलिक ने खसरा नंबर 642 की जमीन खरीदी थी। ब्यूरो