श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर में लगातार हो रही बारिश से सेब बागवानों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। जिले के कई फल उत्पादक क्षेत्रों से सेकेंडरी एप्पल स्कैब और नमी से जुड़ी अन्य बीमारियों के मामले सामने आ रहे हैं। किसानों ने बताया कि पिछले दो हफ्तों से लगातार जारी बारिश के कारण बागानों में अत्यधिक नमी बनी हुई है। इससे कवक (फंगल) संक्रमण के लिए अनुकूल माहौल बन गया है, जिससे सीजन आगे बढ़ने के साथ सेब की फसल की गुणवत्ता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
सेकेंडरी स्कैब के लक्षण शोपियां के नागबल, अनंतनाग के दछनीपोरा, कुलगाम के अहरबल और पुलवामा के शादिमर्ग क्षेत्र के साथ-साथ कश्मीर के अन्य प्रमुख सेब उत्पादक इलाकों में देखे गए हैं। बागवानों का कहना है कि समय पर बारिश होना फल के विकास के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन लगातार बारिश बीमारी के दबाव को बढ़ाकर पत्तियों और फलों को नुकसान पहुंचाती है। शोपियां के एक बागवान मुदस्सिर अहमद माग्रे ने बताया कि नमी बनाए रखने के लिए बारिश जरूरी है, लेकिन जब कई दिनों तक बरसात नहीं रुकती तो फंगल बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
स्कैब के अलावा बागानों में जलभराव भी एक बड़ी समस्या बनकर उभरा है। कई बागों में लंबे समय से पानी खड़ा है, जिससे पेड़ों की जड़ों में सड़न (रूट रॉट) और मिट्टी से पैदा होने वाली अन्य बीमारियों का डर सता रहा है। कुछ बागवानों ने पत्तियों में नेक्रोटिक लीफ ब्लॉच जैसे लक्षण दिखने की बात भी कही है। उल्लेखनीय है कि एप्पल स्कैब एक कवक जनित बीमारी है जिसे कश्मीर में सेब की खेती के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक माना जाता है। पत्तियों और फलों पर काले या मखमली धब्बों के रूप में दिखने वाली यह बीमारी फल की बाजार में मांग और उसकी सुंदरता को प्रभावित करती है।
आंकड़ों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में जुलाई महीने के दौरान सामान्य से करीब 35 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग की आगामी दिनों में बारिश की भविष्यवाणी से बागवानों में डर का माहौल है। सेब की कटाई का समय नजदीक आने के साथ बागवानों को डर है कि यदि बारिश का यह दौर जारी रहा तो फंगल इंफेक्शन, फलों के फटने और जलभराव के कारण फसल की गुणवत्ता और मिलने वाले दाम दोनों प्रभावित हो सकते हैं। किसानों ने बागवानी विभाग से अपील की है कि वह बीमारियों की पहचान, बागों की जल निकासी और समय पर प्रबंधन के लिए मैदानी स्तर पर तकनीकी मार्गदर्शन और निरीक्षण तेज करे ताकि नुकसान से बचा जा सके।