अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। घाटी में फैटी लिवर की समस्या खतरनाक रूप लेती जा रही है। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद सलीम खान ने बताया कि कश्मीर में लगभग हर दूसरा व्यक्ति फैटी लिवर की समस्या से ग्रसित है।
उन्होंने आगाह किया कि समय रहते नहीं चेते तो अगले 5 से 10 वर्षों में लिवर ट्रांसप्लांट और लिवर दान करने वालों की मांग में काफी वृद्धि हो सकती है।
उन्होंने कहा कि फैटी लिवर के अधिकतर मामले खराब जीवनशैली और असंतुलित खान-पान से जुड़े हैं। बचाव ही इस बीमारी से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे जंक फूड, फास्ट फूड, पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड के साथ-साथ कोल्ड ड्रिंक्स और अन्य मीठे पेय पदार्थों के सेवन से दूर रहें। डॉ. खान के मुताबिक, शारीरिक गतिविधियों की कमी और जरूरत से ज्यादा कैलोरी का सेवन इस बीमारी का मुख्य कारण है। उन्होंने सलाह दी कि लोगों को ओवरईटिंग से बचते हुए ताजा फलों, हरी सब्जियों, साबुत अनाज और घर पर बना खाना खाएं।