शोले के निर्देशक ने आज के सिनेमाई हुनर की तारीफ की, कहा- अतीत को याद करें, लेकिन नए फिल्ममेकर्स का हौसला भी बढ़ाएं
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। शोले, सीता और गीता, शान, शक्ति और सागर जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के निर्माता-निर्देशक रमेश सिप्पी ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर में सिनेमा संस्कृति और फिल्म निर्माण के पुनरुद्धार को लेकर गहरा भरोसा जताया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वे जल्द ही खूबसूरत वादियों में अपनी अगली फिल्म की शूटिंग करेंगे।
इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के दौरान पत्रकारों से मुखातिब होते हुए दिग्गज फिल्मकार रमेश सिप्पी ने कश्मीर से दशकों पुराने अपने रिश्ते को साझा किया। उन्होंने कहा कि वे बहुत बार कश्मीर आए हैं। बीच में कुछ परेशानियां थीं, जिसके चलते वे नहीं आ सके थे। अब सब कुछ ठीक है। उन्हाेंने उम्मीद जताई कि पर्यटक और फिल्म निर्माता आएंगे। घाटी में शूटिंग के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी वे स्थिति का जायजा ले रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही यहां शूटिंग शुरू करेंगे। फिल्म फेस्टिवल पर उन्होंने कहा कि वे यहां उभरती हुई नई पीढ़ी के सिनेमाई हुनर को देखने के लिए उत्सुक हैं। आधुनिक फिल्म निर्माण की आलोचनाओं को खारिज करते हुए सिप्पी ने दर्शकों से आग्रह किया कि वे अतीत का रोना-रोने के बजाय आज की प्रतिभाओं का जश्न मनाएं। इम्तियाज अली की हालिया फिल्म का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा आज भी बेहद सक्षम हाथों में है।