बोले- बच्चों को मिले पढ़ाई के बोझ से राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। मीरवाइज कश्मीर मौलवी मोहम्मद उमर फारूक ने छात्रों के लिए सप्ताह में दो दिन के अवकाश के प्रस्ताव का समर्थन किया है। उन्होंने रविवार को कहा कि बच्चों के समग्र विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ परिवार, खेलकूद और सामाजिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय मिलना बेहद जरूरी है।
श्रीनगर की ऐतिहासिक जामा मस्जिद में आयोजित सीरत कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से बात करते हुए मीरवाइज ने कहा कि वे इस प्रस्ताव का शत-प्रतिशत समर्थन करते हैं। उनका मानना है कि शनिवार और रविवार की छुट्टी मिलने से छात्र सोमवार को तरोताजा दिमाग के साथ स्कूल लौट सकेंगे और पढ़ाई के प्रति बेहतर तैयारी दिखा पाएंगे। उन्होंने सरकार से इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की अपील की। मीरवाइज का यह बयान पांपोर के विधायक हसनैन मसूदी द्वारा स्कूलों के लिए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग के बीच आया है। मसूदी का यह प्रस्ताव आगामी विधानसभा सत्र की चयनित सूची में शामिल नहीं हो सका, लेकिन उन्होंने सदन में इस मुद्दे को उठाने की बात दोहराई है। इससे पहले शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू ने डाइट पांपोर में एक कार्यक्रम के दौरान इस प्रस्ताव को स्कूली शिक्षा निदेशालय कश्मीर (डीएसईके) और जम्मू (डीएसईजे) के पास समीक्षा के लिए भेजने की बात कही थी। मीरवाइज ने कहा कि शिक्षा का एकमात्र मकसद केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं होना चाहिए। छात्र पहले से ही स्कूल के काम, ट्यूशन और अतिरिक्त कक्षाओं के दबाव से जूझ रहे हैं। दुनिया के कई देशों में दो दिन के सप्ताहांत की व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन को भी छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक जुड़ाव को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था को लागू करने पर विचार करना चाहिए।